सिर के बाल झड़ने, नाक का डेढ़ा-मेढ़ा होना, चेहरे की बनावट में खराबी सहित दूसरी परेशानियों से महिलाओं के मुकाबले पुरुष ज्यादा परेशान हैं। इन समस्या को दूर करने के लिए पिछले 25 साल में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की प्लास्टिक सर्जरी की मांग 250 गुना तक बढ़ी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाएं अक्सर शादी न हो पाने की समस्या को दूर करने के लिए प्लास्टिक सर्जरी का सहारा लेती थी, लेकिन इन दिनों 25 से 45 साल के पुरुष ज्यादा सर्जरी करवा रहे हैं। पिछले दस साल में प्लास्टिक सर्जरी की तकनीक में काफी सुधार हुआ है। खासकर एसिड अटैक सर्वाइवर, आग से जले हुए, दुर्घटना में चोटिल व दूसरे कारणों से खराब हुए त्वचा को फिर से पहले की तरह करने का प्रयास किया जा रहा है। मौजूदा समय में कई नई दवा भी आ गई हैं जिस कारण यह सरल के साथ आसानी से सुलभ हो रही हैं।
एम्स के बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉक्टर डॉ. मनीष सिंघल ने कहा कि एम्स सहित देश के दूसरे बड़े सरकारी अस्पतालों में प्लास्टिक सर्जरी की सुविधाएं बढ़ी हैं। एम्स में इससे जुड़ी लगभग सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही हैं। पिछले एक सप्ताह में एम्स में ऐसी 82 सर्जरी की गई हैं। इसमें बालों का प्रत्यारोपण, पीआरपी, कटे हुए हाथ को जोड़ना, माइक्रोसर्जरी, आग से जले हुए की त्वचा को ठीक करना सहित अन्य शामिल हैं।
वहीं एम्स में विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अन्य डॉक्टरों ने बताया कि कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए हर कोई योग्य नहीं हैं। इस सर्जरी से पहले मरीज की जांच होती हैं। जांच के दौरान केवल योग्य लोगों की ही यह सर्जरी हो सकती है।
पांच साल में शुरू हो जाएगा चेहरा प्रत्यारोपण
एम्स में अगले पांच साल में चेहरा प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो सकती है। इसे लेकर ट्रेनिंग चल रही हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द इस सुविधा को शुरू किया जाए।
बाल प्रत्यारोपण में लगता है एक साल
डॉक्टरों ने बताया कि बाल प्रत्यारोपण करवाने में करीब एक साल का समय लग जाता है। इसमें छह माह तक दवा भी चलती हैं। प्रत्यारोपण के छह माह बाद बाल झड़ भी जाते हैं और फिर से उग आते हैं। लेकिन देखने में आया है कि लोग सोशल मीडिया को देखकर गलत जगह चले जाते हैं। इसमें शरीर के साथ उक्त व्यक्ति को भी नुकसान होता है। डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी प्रकार की प्लास्टिक सर्जरी करवाने से पहले योग्य डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। किस मरीज पर क्या इलाज होगा, क्या दवा चलेगी यह उसके शरीर और उम्र पर निर्भर करता है।