सिविल अस्पताल में सोमवार रात को इमरजेंसी वार्ड की छत का प्लास्टर अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। घटना में गेट के बाहर तैनात एक कर्मचारी का सिर फट गया और वह लहूलुहान हो गया।
मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल की पीएमओ मौके पर पहुंचीं और घटना का जायजा लिया। हालांकि चिकित्सकों ने घटना में घायल कर्मचारी को खतरे से बाहर बताया है।
जानकारी के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ, जब सड़क दुर्घटना में घायल एक बच्चे को उसके परिजनों द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया।
उस दौरान एंबुलेंस इमरजेंसी के बाहर जैसी ही पहुंची, तो अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा आनन फानन में उसे अंदर ले जाया गया। बताया गया कि इसी दौरान तकरीबन 10 बजकर 38 मिनट पर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर छत के प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर गया।
इस दौरान वहां पर मौजूद अस्पताल का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दामोदर चपेट में आ गया और उसका सिर फट गया। इससे इमरजेंसी वार्ड में पहले से भर्ती मरीज डर गए। कई मरीज तो बिस्तर छोड़कर उठ खड़े हुए लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों व मौजूद चिकित्सकों ने किसी तरह से समझा बुझाकर स्थिति नियंत्रण में की। वहीं चिकित्सकों ने बताया कि घटना में घायल कर्मचारी को मरहम पट्टी के बाद छुट्टी दे दी गई।
आईआईटी की टीम ने किया था सर्वे
ज्ञात हो कि एक माह पूर्व जर्जर बिल्डिंग का सर्वे करने पहुंची आईआईटी रुड़की की टीम ने अस्पताल का जायजा लिया था। उस दौरान टीम पूरी बिल्डिंग से तकरीबन 7 सैंपल अपने साथ जांच के लिए ले गई थी। बताया जाता है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तय हो सकेगा कि बिल्डिंग कितनी सुरक्षित व खतरनाक हैं।
इमारत की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य मुख्यालय व पीडब्लूडी को सूचित किया जा चुका है। खुद अस्पताल प्रशासन द्वारा 23 लाख रुपये के बजट से रुड़की टीम को बुलाया गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि अस्पताल की नई इमारत बनेगी या मरम्मत होगी।-डॉ. कांता गोयल, पीएमओ, सिविल अस्पताल, गुरुग्राम