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Delhi NCR News: दिल्ली की 400 से अधिक कॉलोनियों को जीरो वेस्ट बनाने की तैयारी

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एमसीडी ने आरडब्ल्यूए को समझौता ज्ञापन के लिए बुलाया, कचरे की छंटाई और प्रसंस्करण पर जोर
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823 से अधिक जीरो वेस्ट कॉलोनियों के अनुभव साझा, लैंडफिल तक कचरा पहुंचने से रोकने की कवायद

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली की 400 से अधिक कॉलोनियों को जीरो वेस्ट बनाने के लिए नगर निगम (एमसीडी) ने पहल तेज कर दी है। निगम ने इन कॉलोनियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को जीरो वेस्ट का दर्जा हासिल करने की दिशा में काम करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए आमंत्रित किया है। इसका उद्देश्य कचरे का बेहतर प्रबंधन कर लैंडफिल तक पहुंचने वाले कचरे की मात्रा कम करना है।
शनिवार को सिविक सेंटर स्थित केदारनाथ साहनी सभागार में आयोजित रिफॉर्म उत्सव 2026 में कचरे को घरों से ही अलग करने, स्थानीय स्तर पर उसके प्रसंस्करण और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में पहले से जीरो वेस्ट घोषित 823 से अधिक कॉलोनियों और आरडब्ल्यूए ने अपने अनुभव और बेहतर प्रयास साझा किए।
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एमसीडी की डेम्स समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर ने कहा कि प्रभावी कचरा प्रबंधन के लिए घरों से ही गीले और सूखे कचरे को अलग करना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से कचरे के पृथक्करण और उसके उचित प्रसंस्करण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। निगम विकेंद्रीकृत कचरा प्रसंस्करण को बढ़ावा दे रहा है, ताकि कचरे को सीधे लैंडफिल में भेजने की जरूरत कम हो। गीले कचरे से खाद बनाने और सूखे कचरे के पुनर्चक्रण से इस दिशा में मदद मिल सकती है।
निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने जीरो वेस्ट कॉलोनियों और आरडब्ल्यूए को कचरा प्रबंधन के प्रयासों में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि सभी वार्डों में स्वच्छता संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि सफाई और कचरा संग्रहण सेवाओं में सुधार हो सके। आरडब्ल्यूए से मिलने वाले सुझावों पर भी विचार किया जाएगा।
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100 प्रतिशत प्रसंस्करण का लक्ष्य
कार्यक्रम में वाई वेस्ट वेडनेसडेज फाउंडेशन, आईपीसीए, इकोप्रबंधन, यूबंटू, वन स्टेप ग्रीनर और स्वच्छ अधिकार सहित विभिन्न संगठनों ने अपनी पहल साझा की। एमसीडी ने प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कचरे का 100 प्रतिशत प्रसंस्करण सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों, आरडब्ल्यूए और संबंधित एजेंसियों की सामूहिक भागीदारी को अहम बताया।
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