प्रदर्शनी में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की जानकारी भी दी गई। यह कॉरिडोर 82 किलोमीटर लंबा है और इस पर 15 स्टेशन हैं। इसी बुनियादी ढांचे पर मेरठ मेट्रो सेवा भी जोड़ी गई है, जिससे क्षेत्रीय रेल और शहर के भीतर की मेट्रो सेवा के बीच बेहतर संपर्क उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने अतिथियों को नमो भारत की सुविधाओं और परियोजना से यात्रियों को मिल रहे लाभों के बारे में बताया।
स्टेशनों के आसपास विकसित होंगी आवासीय सुविधाएं
एनसीआरटीसी नमो भारत स्टेशनों के आसपास आवासीय और व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करने पर भी काम कर रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को घर, कार्यालय, बाजार और परिवहन की सुविधाएं एक-दूसरे के नजदीक उपलब्ध कराना है। इससे रोजाना आने-जाने में लगने वाला समय कम करने और शहरों के व्यवस्थित विकास में मदद मिल सकती है। प्रदर्शनी में दुहाई नमो भारत स्टेशन और सराय काले खां के आसपास प्रस्तावित विकास योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके अलावा हरनंदीपुरम और न्यू मेरठ में नियोजित शहरी क्षेत्रों के विकास की योजनाएं भी दिखाई गईं। इन योजनाओं के तहत बेहतर परिवहन संपर्क के साथ आवासीय और व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
नई तकनीक से दिखाई ट्रेन की कार्यप्रणाली
इस वर्ष सम्मेलन का विषय ‘डिजिटल युग में शहरी सुगम्यता और बेहतर जीवन’ है। इसमें शहरी परिवहन को बेहतर बनाने, परिवहन के अलग-अलग साधनों को जोड़ने और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा की जा रही है। एनसीआरटीसी की प्रदर्शनी में नमो भारत के मॉडल, चित्र और अन्य जानकारियां रखी गई हैं। यहां आने वाले लोगों को संवर्धित वास्तविकता (एआर) और आभासी वास्तविकता (वीआर) तकनीक के माध्यम से ट्रेन के विकास और रखरखाव की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिल रहा है। एनसीआरटीसी का कहना है कि तेज रेल सेवा, परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच बेहतर तालमेल और स्टेशनों के आसपास योजनाबद्ध विकास से देश के शहरी क्षेत्रों में आवागमन को आसान बनाने में मदद मिलेगी।