प्रदेश में 10वीं और 12वीं कक्षाओं के लगातार गिरते परीक्षा परिणामों ने उच्च अधिकारियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें डाल दी हैं।
प्रदेश के शिक्षा विभाग पे इन दोनों महत्वपूर्ण कक्षाओं के परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए विभाग अब 9वीं और 11वीं कक्षा में बच्चों के शैक्षिक स्तर की जांच करेगा।
दोनों कक्षाओं के गिरते परिणामों के लिए विभाग 9वीं और 11वीं की पढ़ाई और रिजल्ट में सुधार के कई पहलुओं पर विचार कर रहा है। दसवीं व 12वीं में सुधार के लिए अब विभाग ने 9वीं और 11वीं कक्षाओं पर फोकस करने का निर्णय लिया है।
ज्ञात हो कि हरियाणा शिक्षा विभाग ने कुछ समय पहले सभी जिलों से 9वीं और 11वीं की मासिक परीक्षा के प्रश्र पत्र मंगाए थे। इनके आधार पर विभाग परीक्षा के स्तर को जांचना चाहता है।
प्रश्र पत्र मंगाने के बाद अब विभाग इन दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के रिजल्ट भी मंगाने की तैयारी में है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों से रिजल्ट की कॉपी भेजने को कहा गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी रामकुमार फलसवाल ने बताया कि इस बार दसवीं और 12वीं के प्रथम सेमेस्ट का रिजल्ट काफी खराब रहा है। इसके लिए हरियाणा शिक्षा विभाग ने इस बार विद्यार्थियों के रिपोर्टं कार्ड भी मंगवाए हैं।
इसके माध्यम से विभाग रिजल्ट का आंकलन करने के बाद यह पता लगाने के प्रयास में है कि विद्यार्थियों का पढ़ाई का स्तर क्या है। किन-किन विषयों में व कहां कमी है, जिससे रिजल्ट गिर रहा है।
इसके लिए ही विभाग प्रश्र पत्रों और रिजल्ट की समीक्षा कर रहा है। जिससे इनमें सुधार किया जा सके और विद्यार्थियों के पढ़ाई के स्तर को सुधार बेहतर परीक्षा परिणाम सामने लाए जा सकें।