अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मास्टर प्लान-2047 के तहत राजधानी के शहरी विस्तार क्षेत्र में करीब 200 वर्ग किलोमीटर भूमि का नियोजित व बुनियादी सुविधाओं से युक्त विकास किया जाएगा। डीडीए ने लैंड पूलिंग व्यवस्था को मजबूत करते हुए करीब 600 किलोमीटर नए सड़क नेटवर्क की योजना बनाई है। 30 मीटर व उससे अधिक चौड़ी सड़कों को डीडीए अधिसूचित कर विकसित करेगा।
लैंड पूलिंग क्षेत्रों में आवास के साथ स्कूल, अस्पताल, पार्क, हरित क्षेत्र, व्यावसायिक केंद्र व अन्य जनसुविधाएं विकसित की जाएंगी। यूईआर-2 के आसपास उच्च सघनता वाले मिश्रित उपयोग क्षेत्रों में किफायती आवास, रोजगार, व्यापार, संस्थान, लॉजिस्टिक्स व वेयरहाउसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
भूस्वामियों की भागीदारी के लिए कई विकास मॉडल दिए गए हैं, जिनमें टाउन प्लानिंग स्कीम भी शामिल है जिसके लिए कम से कम 20 हेक्टेयर भूमि जरूरी होगी। जुलाई 2026 तक 7,615 से अधिक आवेदन मिले हैं और 7,885 हेक्टेयर से अधिक भूमि पूल की जा चुकी है। कम से कम 16 सेक्टरों में 70 प्रतिशत से अधिक सटी हुई भूमि पूल हो चुकी है।