जिस बात की आशंका थी वह सच साबित हुई। दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंचे वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सम-विषम योजना न सही लेकिन जल्द ही गंभीर स्थिति वाले इलाकों में पानी का छिड़काव या कृत्रिम बरसात कराई जा सकती है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन को पत्र लिखकर कहा है कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय दिल्ली में पानी छिड़काव के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से हेलीकॉप्टर या चॉपर की व्यवस्था कराए ताकि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण हासिल हो।
पत्र में कहा गया है कि इसका पूरा खर्चा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के एयर एंबियंस फंड के जरिये उठाया जाएगा। प्रदूषण मापने वाली एजेंसियों के आंकड़ों की जादूगरी में भले ही सुधार के दावे किए जा रहे हों लेकिन हकीकत यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार खराब स्थिति में है।
खतरनाक स्थिति में दिल्ली का प्रदूषण
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हवा में बारीक धूल के कण खतरनाक स्तर तक बढ़े हुए हैं जो सामान्य लोगों को भी बीमार बना सकते हैं। पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने पत्र में कहा है कि कई कारणों से दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्थिति में है।
पंजाब और हरियाणा में फसल अवशेषों के जलाए जाने और दिवाली के दौरान दागे गए पटाखों व ठंड के सीजन और प्रदूषण बढ़ाने वाले मौसमी स्थितियों के चलते दिल्ली में वायु गुणवत्ता बेहद ही गंभीर स्थिति से गुजर रही है।
दिल्ली की हवा में खासतौर से पर्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस प्रदूषण की स्थिति से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि 17 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (इप्का) ने वायु प्रदूषण की बेहद खराब स्थिति को लेकर बैठक की थी।
हवाई खर्च का वहन करेगी दिल्ली सरकार
दिल्ली प्रदूषण
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इस बैठक के बाद तय हुआ था कि 15 मार्च, 2018 तक गंभीर और बेहद खराब श्रेणी के लिए तय ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) को लागू किया जाना चाहिए।
इसलिए दिल्ली की खराब हवा को देखते हुए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अपील है कि वे केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से हेलीकॉप्टर या चॉपर उपलब्ध करवाए, जिससे दिल्ली के विभिन्न इलाकों में पानी का छिड़काव (कृत्रिम बरसात) करवाई जा सके।
इस वजह से दिल्ली के वातावरण में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर को कम करने में मदद मिलेगी। इस पूरी कवायद यानी हवाई खर्च का वहन दिल्ली सरकार करेगी। इस पूरी कवायद में कितना खर्च आएगा इस बारे में दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय जब हामी भरेगा और हमें उसका खर्च बताएगा तभी यह तय होगा। खर्च डीपीसीसी के एयर एंबियंस फंड से वहन किया जाएगा।