-पीएनजी और जल विभाग के बीच समन्वय की कमी से बार-बार होती है खुदाई, स्थानीय लोगों में आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली स्थित शास्त्री पार्क के नजदीक जगजीत नगर में पाइपलाइन कार्यों की अव्यवस्था से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पिछले कुछ महीनों में पीएनजी गैस और जल विभाग द्वारा बार-बार की गई खुदाई से सड़कें बदहाल हो गई हैं। सड़कों पर फैली मिट्टी और बजरी से उड़ती धूल स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले पीएनजी गैस कनेक्शन के लिए सड़कों को खोदकर पाइपलाइन बिछाई गई, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। लेकिन यह समस्या यहीं खत्म नहीं हुई और कुछ समय बाद जल विभाग की टीम पानी की पाइपलाइन बदलने के लिए उसी क्षेत्र में पहुंची और उन्होंने सड़कों को फिर से खोद दिया। इस दौरान नई डाली गई पीएनजी गैस पाइपलाइन को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागों के बीच बिल्कुल ही समन्वय नहीं था, जिसके चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई।
जल विभाग द्वारा अपना काम पूरा करने के बाद पीएनजी कंपनी को फिर से पाइपलाइन बिछाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके लिए सड़कों को एक बार फिर खोदा गया। बार-बार की इस खुदाई ने सड़कों की हालत बेहद खराब कर दी है।
वर्तमान में स्थिति यह है कि सड़क पर मिट्टी और बजरी डालकर काम को अस्थायी रूप से छोड़ दिया गया है। जिससे पूरे इलाके में धूल का गुबार उठता रहता है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि सुबह-शाम के समय जब वाहनों की आवाजाही बढ़ती है, तब धूल का स्तर और अधिक बढ़ जाता है। कई लोगों ने खांसी, एलर्जी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं की शिकायत की है। इलाके के लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना चाहिए था ताकि एक ही बार में दोनों पाइपलाइन का काम पूरा हो सके।
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत कराई जाए और धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव किया जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
सड़क की हालत इतनी खराब है कि बच्चों को स्कूल छोड़ने और बाजार जाने में परेशानी होती है। - पप्पन कुमार, स्थानीय निवासी
टूटी सड़क की वजह से ग्राहक दुकान आने से कतराते हैं। धूल व गड्ढों के कारण व्यापार पर असर पड़ रहा है। -पीयूष, दुकानदार
कॉलेज जाते समय जाम व गड्ढों का सामना करना पड़ता है। बाइक फिसलने का खतरा भी होता है। -प्रियांशु, स्थानीय निवासी
धूल व कीचड़ से लोगों को काफी दिक्कत होती है। कई बार कपड़े और सामान भी खराब हो जाते हैं। -वरुण, स्थानीय निवासी