एआई से पाइपलाइन फटने की आशंका और कम दबाव वाले इलाकों की पहचान होगी
जल मंत्री ने इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का किया उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
पानी की पाइपलाइनों में लीकेज से होने वाली बर्बादी रोकने और आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल पता लगाया जा सकेगा। इसके लिए डिजिटल निगरानी व्यवस्था शुरू की गई है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को शिवाजी मार्ग पर इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन किया। इस दौरान बड़ी पाइपलाइनों की मरम्मत के लिए विशेष इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन भी रवाना किया गया।
नई व्यवस्था के तहत पाइपलाइन नेटवर्क, उपभोक्ताओं की शिकायतों और मरम्मत टीमों की गतिविधियों पर एक ही केंद्र से नजर रखी जाएगी। कमांड सेंटर में स्काडा सिस्टम, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस), स्मार्ट मीटर, रखरखाव संबंधी जानकारी और जीपीएस से जुड़े फील्ड वाहनों का डेटा एकीकृत किया जाएगा। इससे संवेदनशील स्थानों की पहचान, मरम्मत टीमों की लोकेशन की निगरानी और शिकायतों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा में मदद मिलेगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल ट्विन तकनीक के जरिए पाइपलाइनों में खराबी, कम दबाव वाले क्षेत्रों और पानी की मांग के पैटर्न का विश्लेषण करने की योजना है। इससे समस्याओं का पहले ही अनुमान लगाकर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।
बड़ी लीकेज की मरम्मत के लिए विशेष वाहन
इमरजेंसी वाहन में उच्च क्षमता वाले सबमर्सिबल डी-वॉटरिंग पंप, 60 केवीए का जनरेटर और जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं। बिजली की सुविधा न होने पर भी मरम्मत कार्य किया जा सकेगा। जीपीएस के जरिए वाहन की लोकेशन ट्रैक कर उसे जरूरत के मुताबिक घटनास्थल पर भेजा जाएगा। इससे मरम्मत में देरी, पानी की बर्बादी और सड़कों को होने वाले नुकसान में कमी आने की उम्मीद है।
चंद्रावल परियोजना पर भी निगरानी
जेविल इंफ्रा लिमिटेड दिल्ली जल बोर्ड की चंद्रावल जल आपूर्ति परियोजना के पैकेज दो, तीन और चार पर काम कर रही है। कंपनी के अनुसार, इन पैकेजों के दायरे में दिल्ली की करीब 10 प्रतिशत आबादी और भौगोलिक क्षेत्र आते हैं। इनमें कुछ महत्वपूर्ण वीआईपी इलाके भी शामिल हैं। जल मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पानी की बर्बादी रोकने और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।