परीक्षा में खराब नंबरों से परेशान हो खुद को आग के हवाले करने वाली पिंकी नहीं रही। पिंकी के चाचा ने उसके मौत की पुष्टि की है।
गौरतलब है कि पिंकी उन 1000 छात्राओं में से एक थी जिसने सेक्टर 14 स्थित राजकीय महिला परास्नातक विद्यालय और महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जानबूझकर कम नंबर देने के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान ही गुस्से में आकर उसने खुद को आग के हवाले कर दिया था।
गौरतलब है कि पिंकी ने अपने बयान में पांच अध्यापकों जिनमें चार महिला अध्यापक भी शामिल हैं पर खुद को आग लगाने के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। पिंकी बीएससी सेकेंड ईयर की स्टूडेंट थी और मानेसर के नजदीक कासन गांव की रहने वाली थी।
छात्रा पिंकी की मौत के बाद सभी कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी राजकीय कॉलेजों में 15 अक्तूबर तक छुट्टी की है। जबकि सेक्टर-14 गर्वमेंट गर्ल्स कॉलेज में 26 अक्तूबर तक छुट्टी की घोषित कर दी गई है। सोमवार को हंगामें के आसार को देखते हुए रविवार सुबह अचानक छात्राओं की छुट्टी कर दी गई और उन्हें अपने घर जाने को कहा गया।