याचिकाकर्ता प्रशांत कुमार सिंह की ओर से एडवोकेट शशांक और शश्वत ने यह याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि यह गाना मूल रूप से ऐतिहासिक नायक महाराणा प्रताप को समर्पित श्रद्धांजलि के रूप में रचा गया था, लेकिन अब इसका इस्तेमाल काल्पनिक गैंगस्टरों को महिमामंडित करने के लिए अनुचित तरीके से किया जा रहा है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि राष्ट्रीय नायक को समर्पित गाने का इस्तेमाल सिनेमाई अपराधियों की पृष्ठभूमि में करना देश की सांस्कृतिक विरासत को गहरा आघात पहुंचाता है। इसमें यह भी कहा गया है कि गाने के मूल सांस्कृतिक संदर्भ को गंभीर रूप से विकृत किया जाएगा, जिससे सार्वजनिक स्मृति में महाराणा प्रताप की विरासत को काल्पनिक गैंगस्टरों के साथ जोड़ने वाली भ्रामक छवि बनेगी।