दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण में आने वाली लाइनों में किराया प्रणाली पूरी तरह से 'नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड' के अनुरूप होगी। यात्री इन लाइनों के स्टेशन पर प्रवेश और निकास के लिए मोबाइल फोन का भी उपयोग कर पाएंगे। डीएमआरसी प्रमुख मंगू सिंह ने यह जानकारी रविवार को दी।
उन्होने कहा कि दिल्ली मेट्रो एक आधुनिक मेट्रो प्रणाली है। जिसकी तुलना दुनिया की सबसे बेहतर मेट्रो से की जा सकती है। सिंह ने बताया कि इन दोनों सुविधाओं को इस साल के अंत तक एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर भी शुरू किया जा सकता है।
मार्च 2019 में प्रधानमंत्री नेरंद्र मोदी ने एक कार्ड के माध्यम से देश भर में मेट्रो और बस सेवाओं सहित कई प्रकार के परिवहन शुल्क भुगतान करने के लिए देश में विकसित एनसीएमसी की शुरुआत की थी। वन नेशन वन कार्ड के रूप में विकसित इंटर-ऑपरेटेबल ट्रांसपोर्ट कार्ड से धारक अपने टोल टैक्स, पार्किंग शुल्क, खुदरा खरीदारी के भुगतान के साथ-साथ पैसे भी निकल सकते हैं।
सिंह ने बताया कि मोबाइल फोन द्वारा प्रवेश और निकास की सुविधा सियोल मेट्रो सहित विभिन्न देशों में प्रमुख आधुनिक प्रणालियों में किराये के भुगतान के लिए उपलब्ध है।
फेस-4 परियोजना में हो सकती है 2-3 महीने की देरी
कोरोना काल में लागू लॉकडाउन का असर मेट्रो सेवाओं पर भी पड़ा है। सेवाएं 169 दिनों तक बंद रहने के बाद दोबारा चरणों में शुरू किया जा चुका है। लेकिन फेस-4 परियोजना को पूरा होने पर दो-तीन महीने की देरी हो सकती है।
लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों के गृह राज्यों की तरफ रुख करने, आर्थिक नुकसान का फेस-4 पर असर पड़ा है। पिछले साल दिल्ली मेट्रो के प्रस्तावित छह में से तीन कॉरिडोर पर केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद कार्य किए जा रहे हैं। पिछले साल दिसंबर से फेस-4 परियोजना पर कार्य शुरू कर दिए गए।
मेट्रो के प्रबंध निदेशक के मुताबिक इसी बीच कोविड-19संक्रमण के प्रकोप से परियोजना भी प्रभावित हुई है। हालांकि दो-तीन महीने तक स्थगित होने की वजह से लागत पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। डीएमआरसी के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान भी चुनौतियों का सामना करते हुए विशेषज्ञों की टीम ने परियोजना के विस्तार और डिजाइनिंग पर उत्कृष्ट कार्यों का प्रदर्शन किया।
तीन कॉरिडोर पर कार्यों को नई रफ्तार भी मिली। महामारी काल में डीएमआरसी को 1,300 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। श्रमिकों के वापस लौटने पर फेस-4 के तहत 61.679-किलोमीटर नई मेट्रो लाइनों का निर्माण किया जाएगा।
तीनों कॉरिडोर में 45 मेट्रो स्टेशन
मुकुंदपुर-मौजपुर, आर के आश्रम-जनकपुरी पश्चिम और एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर पर कार्य लॉकडाउन के दौरान भी किए जा रहे हैं। फेस-4 में पाइलिंग, यू गर्डर्स लगाने सहित कई बुनियादी कार्य शुरू किए जा चुके हैं ताकि परियोजना में होने वाली देरी कम से कम हो। रिठाला-बवाना-नरेला, इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ और लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक पर अभी भी इंतजार है।