फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीजी मालिक ने छात्र को पांचवीं मंजिल से फेंका, मौत

Fri, 07 Jul 2017 01:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
विज्ञापन
dead body
विज्ञापन
होटल मैनेजमेंट के छात्र द्वारा बिजली- पानी की शिकायत करने पर गुस्साए पीजी मालिक ने अपने साथियों के साथ मिलकर छात्र को पांचवीं मंजिल से नीचे फेंक दिया जिससे छात्र की मौत हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के साथियों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी मकान मालिक सतबीर सिंह, ठेकेदार सुशील एवं करीब 6 अन्य लोगों के खिलाफ  मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और हत्या करने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने ठेकेदार सुशील एवं उसके साथी शीशराम को गिरफ्तार भी कर लिया है। 
विज्ञापन


 छात्र रमेश सिंह बिष्ट उत्तराखंड के जिला नैनीताल के गांव बिंदूखता, लालकुंआ का रहने वाला था। वह यहां एक निजी संस्थान से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहा था।  पुलिस के मुताबिक रमेश सिंह बिष्ट शहर में रैपिड मेट्रो का संचालन करने वाली कंपनी आईएलएफ एस से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करता था। उसे इंस्टीट्यूट की तरफ से ही डीएलएफ फेज तीन के यू ब्लॉक में संचालित पीजी में कमरा दिया गया था। 

इस पीजी में रमेश के साथ इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाले 30 अन्य छात्र भी रहते हैं। इनमें से एक छात्र किशन सिंह ने पुलिस को बताया कि बुधवार को इंस्टीट्यूट से लौटने के बाद वह सभी लोग खा पीकर सोने की तैयारी कर रहे थे। इतने में करीब साढ़े 11 बजे मकान मालिक सतबीर सिंह अपने बेटों के साथ ऊपर आया और उनसे तत्काल मकान खाली करने को कहा। चूंकि रात काफी हो गई थी।  ऐसे में छात्रों ने उसका विरोध किया। 
विज्ञापन


आरोप है कि सतबीर ने नीचे से अपने दोनों बेटों के अलावा ठेकेदार सुशील एवं करीब दस अन्य लोगों को लाठी डंडों के साथ बुला लिया। इन लोगों ने ऊपर आते ही पांचवीं मंजिल के कमरा नंबर 508 में सभी छात्रों की पिटाई करनी शुरू कर दी। उसके बाद  कमरा नंबर 501 उसके बाद 502 में पिटाई करनी शुरू कर दी। कमरा नंबर 502 में रमेश उनकी पिटाई से बचते हुए बालकनी में किनारे आ गया। इतने में हमलावरों ने रमेश को धक्का दे दिया। जिससे वह पांचवीं मंजिल से नीचे जा गिरा और उसकी मौत हो गई। 
 
बिजली-पानी की शिकायत से नाराज था पीजी मालिक 
 बताया जाता है कि छात्र लगातार बिजली-पानी और खाने की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायत कर रहे थे। परेशान छात्रों ने पीजी की शिकायत अपने संस्थान में भी की थी। जिसके बाद  पीजी संचालक ने सोमवार को भी मारपीट की थी। मंगलवार को छात्रों ने फिर शिकायत की। छात्रों का कहना था कि बुधवार रात को इसी बात से नाराज पीजी मालिक और उसके अन्य साथियों ने उनकी पिटाई की और रमेश को पांचवीं मंजिल से फेंककर उसकी हत्या कर दी।
 
पहले भी कई बार हो चुकी है छात्रों को पिटाई
किशन ने पुलिस को बताया कि मकान मालिक एवं पीजी ठेकेदार ने पहले भी कई बार उन लोगों के साथ मारपीट की है। तीन दिन पहले ही सतबीर एवं सुशील ने पीजी में रह रहे चार छात्रों के साथ बुरी तरह मारपीट की थी। इस संबंध में छात्रों ने पूरी सूचना इंस्टीट्यूट प्रबंधन को दे दी थी।  बावजूद इसके इंस्टीट्यूट प्रबंधन ने इनके खिलाफ  कोई कार्रवाई नहीं की। 
 
आवासीय सुविधा के नाम पर मोटी फीस 
छात्रों के मुताबिक आईएलएफएस आवासीय सुविधा के नाम पर सभी छात्रों से 18 से 20 हजार रुपये तक वसूल करता है। जबकि महज सात से आठ हजार रुपये में पीजी में सभी छात्रों को रखवाया  गया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि पीजी की विभिन्न समस्याओं को लेकर उन्होंने कई बार इंस्टीट्यूट प्रबंधन एवं पीजी मालिक से शिकायत भी की।  लेकिन हर बार शिकायत करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। 
 
दस दिन पहले ही शुरू हुआ है बैच
किशन के मुताबिक इंस्टीट्यूट में उनका बैच पिछले महीने 28 जून को ही शुरू हुआ है। 28  जून को ही इंस्टीट्यूट की ओर से उन्हें यह पीजी भी आवंटित किया गया है। तब से वह यहां रह रहे थे। उसने बताया कि इस बैच में सभी बच्चे उत्तराखंड के हैं। इनमें से ज्यादातर उसके गांव से ही हैं। उसने बताया कि कंपनी वालों ने खुद को सरकारी कंपनी बताते हुए उन्हें प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित किया था।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें