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तिब्बती ने भारतीय पासपोर्ट के लिए दी याचिका, विदेश मंत्रालय और पासपोर्ट विभाग को नोटिस

Wed, 29 Jun 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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एक तिब्बती ने भारतीय पासपोर्ट दिलवाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याची ने भारतीय नागरिकता अधिनियम के कार्यान्वयन का निर्देश देने का भी आग्रह किया है। न्यायमूर्ति मनमोहन ने इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय और आव्रजन व पासपोर्ट विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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याची लोबसांग वांग्याल (46) ने अदालत को बताया कि वह भारत में पंजीकृत मतदाता है इसके बावजूद उसके भारतीय पासपोर्ट के लिए पेश आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि वह भले ही 1970 में भारत में पैदा हुआ है लेकिन वह तिब्बती वंश का है।

अदालत ने दोनों पक्षों को 27 जुलाई तक याचिका में उठाए गए मुद्दों पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। पेशे से पत्रकार वांग्याल ने अदालत से आग्रह किया है कि क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) को निर्देश दिया जाए कि तिब्बती लोगों को, जो भारत में 26 जनवरी 1950 के बाद और 1 जुलाई 1987 से पहले पैदा हुए हैं, उन्हें कानूनी रूप से भारतीय नागरिक मानें। याची के अधिवक्ता ने कहा कि वर्तमान में उनके मुवक्किल के पास कोई भी राष्ट्रीयता या नागरिकता नहीं है।
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इस आधार पर खारिज हुआ था आवेदन

एक तिब्बती ने भारतीय पासपोर्ट दिलवाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याची ने भारतीय नागरिकता अधिनियम के कार्यान्वयन का निर्देश देने का भी आग्रह किया है। न्यायमूर्ति मनमोहन ने इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय और आव्रजन व पासपोर्ट विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

याची लोबसांग वांग्याल (46) ने अदालत को बताया कि वह भारत में पंजीकृत मतदाता है इसके बावजूद उसके भारतीय पासपोर्ट के लिए पेश आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि वह भले ही 1970 में भारत में पैदा हुआ है लेकिन वह तिब्बती वंश का है।

अदालत ने दोनों पक्षों को 27 जुलाई तक याचिका में उठाए गए मुद्दों पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। पेशे से पत्रकार वांग्याल ने अदालत से आग्रह किया है कि क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) को निर्देश दिया जाए कि तिब्बती लोगों को, जो भारत में 26 जनवरी 1950 के बाद और 1 जुलाई 1987 से पहले पैदा हुए हैं, उन्हें कानूनी रूप से भारतीय नागरिक मानें। याची के अधिवक्ता ने कहा कि वर्तमान में उनके मुवक्किल के पास कोई भी राष्ट्रीयता या नागरिकता नहीं है।
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