दिल्ली के अस्पताल में उपचार को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाली मरीज की सुनवाई से पहले ही मौत हो गई। शुक्रवार को कोर्ट में याचिका पर सुनवाई थी, लेकिन 3 जून को याचिका दायर करने के कुछ ही घंटे बाद मरीज की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि 80 वर्षीय मरीज 25 मई को एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे। उन्हें बुखार के लक्षण थे। आरोप था कि अस्पताल में वह संक्रमित हो गए थे। इसके चलते 30 मई को उनकी कोरोना वायरस की जांच हुई और एक जून रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
याचिका में बताया गया कि मरीज की तबियत प्रतिदिन खराब हो रही थी। अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर करने का दबाव बनाया जा रहा था।
इसके चलते परिजनों ने दिल्ली एम्स, राजीव गांधी समेत कई अस्पतालों में संपर्क किया, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। इधर, निजी अस्पताल में भी हर दिन लाखों का बिल बन रहा था, जिसके चलते फ्री उपचार की मांग को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी।