राजधानी और देश के दूसरे हिस्सों में भूख से गरीब बच्चों की मौत को रोकने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। इस याचिका में मंडावली इलाके में तीन नाबालिग बहनों की जुलाई 2018 में व अन्य राज्यों में भूख से मौत की घटनाओं का जिक्र किया गया है। पेश याचिका में कहा गया है कि इन मामलों से जिन लोगों की भूख से मौत हुई उनके पास राशन कार्ड नहीं था। इसलिए वह सरकार से सस्ता राशन नहीं ले पाए और भूख से उनकी मौत हो गई। मंडावली निवासी रिक्शा चालक मंगल की तीन नाबालिग बेटियों की भूख से 24 जुलाई 2018 को मौत हो गई थी।
याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता मनीष पाठक का कहना है कि जिन बच्चों की मौत हुई उनके माता-पिता गरीब थे और स्लम या किराये के मकान में रहते थे। इन लोगों के पास अक्सर अपने निवास स्थान का कोई दस्तावेज नहीं होता। इसलिए यह अपना राशन कार्ड नहीं बनवा पाते क्योंकि झुग्गी मालिक या मकान मालिक कोई रेंट एग्रीमेंट नहीं देते हैं।
याचिका में मांग की गई है कि राजधानी में रहने वाले गरीब लोगों का डाटा सरकार को एकत्र करने का निर्देश दिया जाए। गरीब लोगों को राशन कार्ड बनाने के लिए निवास का दस्तावेज बनाने में सरकार को इनकी मदद करनी चाहिए क्योंकि यह दस्तावेज उनका अधिकार है। जब तक इनका राशन कार्ड न बने तब तक इन लोगों को निशुल्क राशन की डोर स्टेप डिलीवरी की जाए।