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राम से तुलना करने पर मायावती के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर, 1 मई को होगी सुनवाई

Thu, 18 Apr 2019 05:59 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मायावती - फोटो : फाइल फोटो
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बसपा सुप्रीमो एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने तथा विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के लिए तीस हजारी जिला अदालत में अर्जी दायर की गई है। शिकायत में कहा गया कि मायावती ने सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में अपनी तुलना भगवान राम से की है। शिकायत पर अदालत 1 मई को सुनवाई करेगी। 

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पेश शिकायत में कहा गया कि मायावती ने 2 अप्रैल को एक याचिका के जवाब में दिए गए अपने शपथ पत्र में कहा था कि अगर यूपी की भाजपा सरकार जनता के पैसे से अयोध्या में राम की 221 मीटर ऊंची प्रतिमा बनवा सकती है तो वह अपनी प्रतिमा क्यों नहीं बनवा सकतीं। उनके खिलाफ पूर्व में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि मायावती के मुख्यमंत्री काल में 2008-09 तथा 2009-10 के बजट से 2000 करोड़ रुपये उन्होंने अपनी व बसपा के चुनाव चिन्ह हाथी की प्रतिमाएं बनाने पर खर्च किए थे। 

ऑल इंडिया रैगर महासभा के महासचिव छतर सिंह राछोया की ओर से जिला अदालत में दायर याचिका में कहा गया है कि मायावती का कटाक्ष वैमनस्य फैलाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने तथा बदनियती से प्रेरित है। यह धर्म विशेष का अपमान, धर्म विशेष को फायदा पहुंचाने तथा लोगों को लामबंद करने की मंशा से किया गया कृृत्य है। कोर्ट को शिकायत में बताया गया है कि मायावती के खिलाफ नांगलोई पुलिस को शिकायत दी गई थी लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसलिए कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

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