अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) की टाउन वेंडिंग कमेटी-2 (टीवीसी-2) के हालिया चुनावों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि याचिका सामान्य आरोपों पर आधारित लगती है और चुनाव पूरे होने के काफी बाद दायर की गई थी।
न्यायमूर्ति प्रतिबा एम. सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता सोसाइटी मानव अधिकार कल्याण मिशन संस्था के अध्यक्ष पर याचिका दायर करने के लिए 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि यह राशि दो सप्ताह के अंदर एमसीडी को जमा कराई जाए।
याचिका में एमसीडी द्वारा टीवीसी-2 चुनाव कराने के तरीके को चुनौती दी गई थी। सड़क विक्रेताओं के हितों के लिए काम करने वाली बताई गई सोसाइटी ने आरोप लगाया था कि उम्मीदवारों की उचित जांच नहीं की गई और कुछ ऐसे लोगों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई जिनके पास एक से अधिक वेंडिंग सर्टिफिकेट थे। अदालत ने पाया कि चुनाव 4 अगस्त 2026 को ही पूरे हो चुके थे, जबकि याचिका करीब पांच सप्ताह बाद दायर की गई। टीवीसी-2 चुनाव एमसीडी क्षेत्र की वेंडिंग योजना को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण थे।
अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने और नतीजे घोषित होने के बाद जनहित याचिका के रूप में चुनाव चुनौती नहीं दी जा सकती।