हौजखास इलाके में महिला डॉक्टर और उनकी बहन के साथ मारपीट करने वाले को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। कोरोना फैलाने का आरोप लगाकर उसने दोनों महिलाओं के साथ खुलेआम बदसलूकी और मारपीट की थी। इससे पहले साकेत कोर्ट ने उसे जमानत देने से इनकार कर दिया था।
न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के बाद संजीव शर्मा को जमानत दी। लॉकडाउन के दौरान जेल में कैदियों की भीड़ कम करने के निर्देश हैं। इसी के मद्देनजर उसे जमानत दी गई। इससे पहले, 10 अप्रैल को साकेत कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि कोरोना महामारी के दौरान डॉक्टरों से किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
9 अप्रैल को संजीव शर्मा ने हौजखास इलाके में सब्जी खरीद रही दो महिला डॉक्टरों के साथ बदसलूकी की थी। उसने कहा था कि तुम कोरोना के मरीजों का इलाज करती हो और अब यहां पर सब जगह कोरोना फैला रही हो। इसलिए कहीं दूसरी जगह जाकर सब्जियां खरीदो। इसके बाद पीड़ित डॉक्टरों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके अगले दिन साकेत कोर्ट ने उसे 24 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। दोनों पीड़ित डॉक्टर सफदरजंग अस्पताल में हैं। आरोपी संजीव शर्मा पेशे से फैशन डिजाइनर बताया गया है, जो हौजखास इलाके में रहता है