इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआई एयरपोर्ट) की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए काम किया जा रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन ने परिसर के चारों ओर पेरिमीटर वॉल (परिधि दीवार) को अभेद्य बनाने की योजना तैयार की है। इसको अत्याधुनिक तकनीक और मजबूत निर्माण सामग्री से तैयार किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ को रोका जा सके।
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद एयरपोर्ट क्षेत्र में अनाधिकृत प्रवेश लगभग असंभव हो जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में भी काफी सुविधा मिलेगी। दीवार के साथ-साथ निगरानी तंत्र को भी अपग्रेड किया जाएगा, जिसमें हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, सेंसर और अन्य आधुनिक उपकरण शामिल होंगे।
एयरपोर्ट की सुरक्षा में जुड़ेगा नया स्तर
यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की जाएगी। इससे एयरपोर्ट की सुरक्षा में एक नया स्तर जुड़ जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों, कर्मचारियों और एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाया जाएगा। एयरपोर्ट क्षेत्र में उपयोगिताओं (यूटिलिटीज) के विकास को लेकर यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
अंदरूनी हिस्से को जोड़ने के लिए बनेगी सड़क
परियोजना में नई सड़क के निर्माण का भी प्रावधान है। यह सड़क एयरपोर्ट के अंदरूनी हिस्सों को आपस में जोड़ने के साथ-साथ रखरखाव और आपातकालीन सेवाओं के लिए आवागमन को आसान बनाएगी। इससे एयरपोर्ट के संचालन से जुड़े वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित होगी और कामकाज में तेजी आएगी।
मानसून में नहीं होगी पानी जमा होने की समस्या
प्रोजेक्ट के तहत सीवर लाइन और ड्रेनेज लाइन का निर्माण भी किया जाएगा। मानसून के दौरान कई बार एयरपोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में पानी जमा होने की समस्या सामने आती रही है। नई ड्रेनेज प्रणाली बनने से बारिश के पानी की निकासी बेहतर ढंग से हो सकेगी।
बीसीएएस कार्यालय का भी होगा नवीनीकरण
एयरपोर्ट पर टर्मिनल-3 स्थित क्षेत्रीय निदेशालय (आरडी) ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) के कार्यालय परिसर के नवीनीकरण का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। इसके तहत इंटीरियर डिजाइन, विद्युत व्यवस्था, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य आवश्यक सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा।