फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पत्नी के इलाज में डॉक्टर ने की लापरवाही, नाराज पति ने सीएमओ की कर दी पिटाई

Thu, 12 Jul 2018 11:37 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

दिल्ली के जफरपुर कलां स्थित राव तुलाराम अस्पताल में बुधवार रात एक मरीज के परिजनों ने इलाज में कोताही को लेकर ड्यूटी पर मौजूद सीएमओ पर हमला बोल दिया। बचाव में आया एक पुलिसकर्मी भी इस घटना में घायल हुआ, जिसके बाद परिजनों को हिरासत में लेकर पुलिस ने सीएमओ की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन


सीएमओ डॉ. मणिशंकर माधव ने बताया कि रात करीब 10 बजे वह इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर थे। नजफगढ़ निवासी ज्योति अपने पति अनिल के साथ अस्पताल पहुंची थी। उन्हें डीडीयू से रेफर किया गया था। अनिल के साथ उनका भाई सुनील और मां विमला देवी भी थी। प्रसूति विभाग में पहुंचने के बाद सीनियर रेजीडेंट ने मरीज को जूनियर से सलाह लेने की बात कही।

इस पर परिजन काफी नाराज हुए। वे सीएमओ के पास पहुंचे और अभद्रता से पेश आने लगे। सीएमओ ने जूनियर डॉक्टर उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए वापस विभाग में जाने का आग्रह किया, लेकिन कुछ ही देर बाद पता चला कि परिजनों ने विभाग में मौजूद महिला डॉक्टरों के साथ गलत व्यवहार किया है।
विज्ञापन


इस पर सीएमओ ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही गुस्साए परिजनों ने सीएमओ पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। डॉ. मणि ने पुलिस को बताया कि विमला देवी ने उनके गाल पर थप्पड़ जड़ दिया।

विज्ञापन

चिकित्सकों पर सुनवाई नहीं करने का आरोप       
खुद को नजफगढ़ थाना पुलिस में बताने वाले सुनील ने डॉक्टर पर रॉड से हमला किया, लेकिन तब तक मौके पर पहुंचे सिपाही नरेंद्र ने बीच-बचाव किया तो उनका हाथ चोटिल हो गया। उनके हाथ में 8 टांके भी आए हैं। उधर परिजनों का आरोप है कि मरीज दर्द से कराह रही थी और डॉक्टर अपने केबिन में बैठे थे। कई बार इलाज के लिए गुहार लगाई लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इलाज करने की जगह डॉक्टर मरीज को अस्पताल से ले जाने की सलाह देने लगे।
  
क्या कहती है पुलिस  
दिल्ली पुलिस का कहना है कि सीएमओ की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद ही पुलिस तीनों परिजनों और सीएमओ को थाने ले आए थे। इस घटना के बाद गुरुवार सुबह अन्य अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी मामले की निंदा की।

उनका कहना है कि बार-बार घटनाएं होने के बाद भी डॉक्टरों को सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। दिल्ली सरकार डॉक्टरों की सुनवाई नहीं कर रही। यूनाइटेड आरडीए के चेयरमैन डॉ. अंकित ओम ने सरकार से डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें