चिकित्सकों पर सुनवाई नहीं करने का आरोप
खुद को नजफगढ़ थाना पुलिस में बताने वाले सुनील ने डॉक्टर पर रॉड से हमला किया, लेकिन तब तक मौके पर पहुंचे सिपाही नरेंद्र ने बीच-बचाव किया तो उनका हाथ चोटिल हो गया। उनके हाथ में 8 टांके भी आए हैं। उधर परिजनों का आरोप है कि मरीज दर्द से कराह रही थी और डॉक्टर अपने केबिन में बैठे थे। कई बार इलाज के लिए गुहार लगाई लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इलाज करने की जगह डॉक्टर मरीज को अस्पताल से ले जाने की सलाह देने लगे।
क्या कहती है पुलिस
दिल्ली पुलिस का कहना है कि सीएमओ की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद ही पुलिस तीनों परिजनों और सीएमओ को थाने ले आए थे। इस घटना के बाद गुरुवार सुबह अन्य अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी मामले की निंदा की।
उनका कहना है कि बार-बार घटनाएं होने के बाद भी डॉक्टरों को सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। दिल्ली सरकार डॉक्टरों की सुनवाई नहीं कर रही। यूनाइटेड आरडीए के चेयरमैन डॉ. अंकित ओम ने सरकार से डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।