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हैदराबाद में हैवानियत के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने निकाली अपनी भड़ास

Sun, 01 Dec 2019 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pxhere.com
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हैदराबाद दुष्कर्म मामले पर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूटा। पिछले दो दिनों से मृतका को इंसाफ दिलाने से जुड़ी पोस्ट से सोशल मीडिया पटा पड़ा है। इसी बीच इस जघन्य हादसे से संबंधित हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड भी करते रहे। 

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दिल्ली समेत देश भर के नेताओं ने इस मसले पर खुलकर अपनी राय रखी। सभी का कमोवेश यही नजरिया रहा कि इस तरह के मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने लिखा कि शमशाबाद के पास महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और उसके बाद जिंदा जलाने के कायरतापूर्ण कार्य से विचलित हूं। मैं मांग करता हूं कि इस मामले की तुरंत जांच हो और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। 
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मैं इस बारे में तेलंगाना के डीजीपी से बात करूंगा। मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे एक विशेष टीम बनाएं और जल्द से जल्द चार्जशीट दायर करें ताकि इस तरह के मामले दोबारा न हों। परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।

दूसरी तरफ आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि हैवानियत की हद है। कानून तो सख्त बन गया लेकिन इंसाफ कैसे मिलेगा? अगर अपराधियों पर कार्रवाई नहीं होगी तो कानून बेअसर होगा। प्रियंका रेड्डी के मामले में निश्चित समय सीमा में सख्त कार्यवाही करके अपराधियों का सजा दिलाई जाए।

दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने लिखा कि हैदराबाद के वेटरिनरी डॉक्टर के साथ हुए सामूहिक दुराचार एवं निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करता हूं। यह घटनाएं इंसानियत का शर्मसार करती हैं। इंसाफ दिलाने के लिए तेजी से फैसला लेने की जरूरत है।

कुमार विश्वास ने लिखा कि सालों-साल, दशकों-दशक, कुछ नहीं सीखा हमने। कुछ नहीं किया हमारी व्यवस्था ने। हमें अधिकार ही नहीं बेटियों जैसी पवित्र ईश्वरीय परिभाषा का स्वीकारने की। हर बार वही चीख, वही वहशीपन, वही गुस्सा और कुछ समय बाद वही बेशर्म खामोशी, जिन्हें 
नाज है हिंद पर वो कहां है?

दूसरी तरफ पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने लिखा कि इस घटना से नि:शब्द हूं। हैरान हूं। शर्मिंदा हूं। गुस्सा भी है। यह घटना न्यायपालिका, पुलिस, सरकारों और समाज की साझी नाकामी है। हम अपनी बहनों, बेटियों व दोस्तों को नहीं बचा सकते। निर्भया से प्रियंका तक, अभी तक एक भी दुराचारी को फांसी की सजा नहीं हुई।

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