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पुलिस की मुस्तैदी हटते ही यमुना में गंदगी फेंकने वाले हो गए बेफिक्र

Thu, 10 Oct 2019 06:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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अब काहे का डर... - फोटो : अमर उजाला
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पूर्वी दिल्ली में बने कृत्रिम जलाशयों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। यमुना की निगरानी के लिए सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी कम होते ही एक बार फिर लोग यमुना में हवन सामग्री, प्लास्टिक पॉलीथीन सहित प्रदूषण फैलाने वाली चीजें फेंकते नजर आए। 

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यमुना के किनारे भी अभी भी कई जगहों पर विसर्जन के दौरान फैलाई गई गंदगी अभी भी मौजूद है। हालांकि एमसीडी और पुलिस की तरफ से मूर्तियों को लेकर लोग यमुना की तरफ न जा सके, इसके लिए बैरिकेट्स लगाए गए थे, बावजूद इसके हवन सामग्री और खेत्री सहित प्लास्टिक पॉलीथीन को भी यमुना में प्रवाहित किया गया।

एक दिन पहले मूर्ति विसर्जन के दौरान सख्ती के कारण बुधवार को भी कई जगहों पर लोग यमुना में गंदगी फेंकते दिखे। पुल पर जहां भी जगह मिली, वहीं से हवन सामग्री को यमुना में डाल दिया, जिससे यमुना और इर्द गिर्द गंदगी मौजूद है। पूर्वी निगम के अधिकारियों का कहना है कि यमुना में मूर्तियां ले जाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी ताकि प्रदूषण न फैले। 
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कृत्रिम जलाशयों में ही विसर्जित की गईं मूर्तियां 
पूर्वी निगम स्थायी समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर ने बताया कि कृत्रिम जलाशयों में ही मूर्तियां विसर्जित की गई हैं। इसके लिए सभी इंतजाम किए गए थे ताकि विसर्जन के बाद भी कहीं गंदगी का आलम न रहे। लेकिन यमुना में हवन सामग्री, पॉलीथीन सहित गंदगी फैलाने वाले उत्पादों को फेंकने का सिलसिला अभी भी पूरी तरह नहीं रुका है। मंगलवार शाम तक करीब 250 छोटी बड़ी प्रतिमाओं को जलाशयों में विसर्जित किया गया। इन जलाशयों को भी जल्द साफ किया जाएगा ताकि पूरी तरह स्वच्छता बनी रहे। 

फिर यमुना में गंदगी फैलाई जा रही है गंदगी
एनजीटी ने प्रतिमाओं में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टर ऑफ पेरिस और पेंट की वजह से होने वाले प्रदूषण न हो, मूर्तियों को यमुना में विसर्जित न करने के आदेश दिए थे। इसके लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन विसर्जन के बाद उनके हटते ही फिर यमुना में गंदगी फैलाने की शुरुआत हो गई। गणेश विसर्जन के दौरान कई जगहों पर आदेशों की अनदेखी हुई, लेकिन विसर्जन के लिए पहले से की गई तैयारियों के कारण जलाशयों में ही मूर्तियां विसर्जित की गईं। हालांकि हवन सामग्री और कृत्रिम माला, प्लास्टिक सहित कई ऐसी चीजें भी एक दिन यमुना में फेंकेजाने से प्रदूषण का सिलसिला जारी है।

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