गुरुग्राम में प्रदर्शन करते लोग।
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डीएलएफ फेज-5 में घरेलू काम के लिए रखी गई नौकरानी की शुक्रवार की देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पूर्वोत्तर के लोग थाना सुशांत लोक के सामने जमा हो गए। धारा 144 लगे होने के बावजूद वह 50-60 की संख्या में थाने के सामने प्रदर्शन करते रहे।
उनकी मांग है कि मामले को हत्या की धारा में दर्ज किया जाए तथा आरोपियों की गिरफ्तारी तुरंत हो। समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा उन्हें समझाने के प्रयास जारी थे।
बता दें कि मूल रूप से असम की रहने वाली रंजिता (18) डीएलएफ फेज-5 के कार्टन एस्टेट स्थित रोहित मेहता के घर नौकरानी के तौर काम करती थी। घटना से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को ही रंजिता को घरेलू काम के लिए रखा गया था।
उसे रोहित के एक दोस्त के जरिए यह नौकरी मिली थी। शुक्रवार की देर रात वह 11वीं मंजिल से नीचे गिर गई थी। इस मामले में थाना सुशांत लोक पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर रोहित मेहता व उसकी पत्नी सोनल के खिलाफ मारपीट व गैर-इरादन हत्या का मामला दर्ज किया है।
रविवार को उसके परिजनों के पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस मामले में हत्या की धारा दर्ज करवाने व आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सुबह से ही यह लोग थाने के बाहर जमा हो गए थे। नारेबाजी व प्रदर्शन के बीच पुलिस उन्हें समझाने का प्रयास करती रही।
थाना सुशांत लोक प्रभारी निरीक्षक गौरव फोगाट का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।