गीता कॉलोनी आरडब्ल्यूए के निवासी लावारिस कुत्तों के आतंक से परेशान हैं। जगह-जगह गलियों में सीवेज ओवरफ्लो हैं। इससे इलाके में दुर्गंध फैल रही है। लोगों का कहना है कि साफ पेयजल के लिए भी उन्हें मोहताज होना पड़ता है। यही नहीं, चारों ओर गंदगी फैली रहती है। बेसहारा पशुओं के झुंड से वाहन चालक परेशान रहते हैं।
स्थानीय निवासियों ने रविवार को अमर उजाला संवाद में रोजमर्रा की समस्याओं पर खुलकर बात की। लोगों ने बताया कि अवैध पार्किंग भी इलाके में बड़ी समस्या है। इसके अलावा अतिक्रमण की गंभीर समस्या है जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में रात के समय एंबुलेंस भी क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर पाती। लोगों ने कहना है कि मौजूदा समय में कुछ समस्याओं को सही किया जा रहा है।
पानी की गंभीर समस्या है। इलाके में गंदे पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में लोग मजबूरी में पानी खरीदकर पी रहे हैं। फैक्ट्रियों में पानी की जरूरत टैंकरों से पूरी की जा रही है। मौजूदा समय में कुछ समस्याओं को सही किया जा रहा है।
- विनोद मदान, निवासी, गीता कॉलोनी आरडब्ल्यूए
सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमण है। इसको लेकर संबंधित एजेंसियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे यातायात प्रभावित होता है। आने-जाने वाले लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है।
-शुभम जैन, निवासी, गीता कॉलोनी आरडब्ल्यूए
क्षेत्र में पीने के पानी की बड़ी समस्या है। पानी गंदा आता है। सीवर लाइन ओवरफ्लो हो रही है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- संजय श्रीवास्तव, सदस्य सचिव, गीता कॉलोनी आरडब्ल्यूए
इलाके की सबसे बड़ी समस्या आवारा कुत्तों का आतंक है। आलम यह है कि लोग देर रात अकेले घर से बाहर निकलने में भी कतराते हैं। इसके अलावा बेसहारा पशुओं का झुंड सड़कों पर रहता है।
-अजय, निवासी, निवासी गीता कॉलोनी आरडब्ल्यूए