रक्षाबंधन पर चीनी की महंगाई, खजूर और मेवों की मिठाइयों की मांग बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आने के साथ ही बाजारों में मिठाइयों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। चीनी की कीमतों में वृद्धि के कारण पारंपरिक मिठाइयां महंगी हो गई हैं। इससे लोग अब खजूर और मेवों से बनी मिठाइयों जैसे सेहतमंद विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
चीनी के बढ़ते दामों का सीधा असर मिठाइयों की लागत पर पड़ा है। त्योहार पर बड़ी मात्रा में मिठाई खरीदने वाले परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च चिंता का विषय है। ग्राहकों का कहना है कि वे सीमित मात्रा में मिठाई खरीदेंगे। खजूर से तैयार होने वाली मिठाइयां लोगों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बन रही हैं। खजूर प्राकृतिक मिठास के लिए जाना जाता है। इसे मेवों के साथ मिलाकर लड्डू, रोल और बर्फी जैसे कई रूपों में तैयार किया जा सकता है। कई परिवार बाजार से महंगी मिठाइयां नहीं खरीद रहे हैं। इसके बजाय वे घर पर ही खजूर और मेवों से मिठाई बना रहे हैं।
सेहतमंद विकल्पों की बढ़ती लोकप्रियता
रक्षाबंधन के लिए सेहतमंद विकल्प के रूप में मेवों की बर्फी भी लोगों की पसंद बनती जा रही है। काजू, बादाम, पिस्ता और अखरोट से तैयार बर्फी को कम चीनी के साथ बनाया जा सकता है। कई बहनें इस बार अपने भाइयों के लिए घर पर मेवों की बर्फी तैयार करने की योजना बना रही हैं। इन मिठाइयों को छोटे आकार में तैयार कर परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के बीच आसानी से बांटा जा सकता है।
त्योहार में नया स्वाद
पारंपरिक मिठाइयों के अलावा डार्क चॉकलेट भी रक्षाबंधन के लिए एक पसंदीदा विकल्प बन रही है। खासकर ऐसे भाई-बहन जो बहुत अधिक मीठा पसंद नहीं करते, वे चॉकलेट को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। कई लोग डार्क चॉकलेट के साथ मेवों और फलों को मिलाकर आकर्षक उपहार पैक तैयार कर रहे हैं। चीनी की बढ़ती कीमतों ने मिठाइयों के विकल्पों को लेकर नई सोच को जन्म दिया है।