ग्रामीण क्षेत्र के लोगों बैंकों से रुपये निकालने के लिए अंधेरे में ही नोट बदलवाने के लिए शहरों की ओर रुख कर देते हैं। शहर में आकर ढाबे और दुकान पर चाय पीने के बाद लोग बैंक के सामने अलाव जलाकर रात काटने का प्रयास करते हैं। 500 व 1000 के नोट बदलवाने के लिए बड़ी मशक्कत लोगों को करनी पड़ रही है।
ऐसा ही कुछ बुधवार की अल-सुबह देखने को मिला। जबकि शहर के कुछ व्यक्ति अल-सुबह चार बजे सुबह की सैर पर जा रहे थे वहीं भारतीय स्टेट बैंक के आगे ठंड से कांपते कुछ ग्रामीण अलाव जलाकर हाथ सेकते नजर आए।
इन ग्रामीणों से जब पूछा तो उन्होंने बताया कि वे सुबह तीन बजे अपने गांव से शहर में आए थे। उन्होंने कहा कि इस उम्मीद के साथ बैंक में सुबह-सुबह सबसे आगे आकर बैठे हैं कि आज तो उनके नोट बदल ही जाएंगे।