मोहर्रम पर पाबंदी के बाद भी दिल्ली के कुछ इलाकों में ताजिया का जुलूस निकालने का मामला सामने आया है। जुलूस में शामिल होने वाले युवकों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज की मदद ली जा रही है।
जुलूस में शामिल होने वाले युवक की पहचान कर उनकी धर-पकड़ की जा रही है। वहीं कुछ अराजक तत्वों ने सोशल मीडिया पर जुलूस को लेकर पुलिस के लाठीचार्ज की अफवाह उड़ाई थी।
ऐसे लोगों पर व्हॉट्सऐप पर मैसेज कर माहौल खराब करने का आरोप है। ऐसे अराजक तत्वों की पहचान के लिए साइबर क्राइम सेल की भी मदद ली जा रही है।
गौरतलब है कि नरेला और इंद्रलोक इलाके में पाबंदी के बाद भी 25 से 30 युवकों ने मोहर्रम में जुलूस निकालकर कोविड 19 की रोकथाम के लिए लागू नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया था।
पुलिस दोनों ही मामलों में मुकदमा दर्ज कर आरोपी युवकों की तलाश कर रही है। युवकों पर आरोप है कि वे जबरन कर्बला व कब्रिस्तान में ताजिये को ले जाने पर अड़े हुए थे। युवकों ने सड़क पर खुलेआम जुलूस में लाठियां भी चलाई और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया।
पुलिस का कहना है कि कई दूसरे इलाकों में जुलूस की पुष्टि करने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। लोगों से घरों में ही रहकर मोहर्रम मनाने की अपील की जा रही है।
ताजिया निकालने पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
कंझावला इलाके में प्रशासन की मनाही के बाद भी लोगों ने ताजिया का जुलूस निकाला। जुलूस में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं किया गया। पुलिस के मना करने के बावजूद सरकारी आदेश की अवहेलना करते रहे।
इस मामले में पुलिस ने सोमवार को जुलूस की अगुआई कर रहे अमित , ताज और खालू के खिलाफ आईपीसी की धारा 188/3/57 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जुलूस में शामिल 15-20 अज्ञात युवकों की भी पहचान की जा रही है।