चिड़ियाघर में हादसे के बाद भी लोग सबक लेने को तैयार नहीं है। अब भी लोग मनाही के बाद जानवरों के अंदर जानवरों को परेशान करने के कोई मौका नहीं छोड़ते।
यही नहीं सुरक्षा के तय मानकों की अनदेखी करके लोग जानवरों को देखने के लिए जान जोखिम में डाल देते है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। सोमवार को बाघ को देखने आए लोगों ने सुरक्षा की अनदेखी करते दिखे। मगर इन सबके बीच सुरक्षा का दावा करने वाली चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से यहा कोई रोकने व टोकने वाला नहीं दिखा।
सफेद बाघ के बाड़ा नंबर आठ में पहले बैरीकेड के ऊपर लोग खड़े होकर बाघिन कल्पना को देख रहे थे। महिलाएं अपने छोटे बच्चों को जानवर दिखाने के लिए उन्हें बैरीकेड के ऊपर खड़ा कर रहे थे।
ऐसे में फिर दोहराएगा वो हादसा
गलती से इस दौरान अगर बच्चे को धक्का लगता या स्लिप करता तो वह सीधे बाड़े के अंदर जा सकता है। मगर इस दौरान वहां एक गार्ड तो नजर आया, लेकिन वह भी किसी को मना करता हुआ नहीं दिखा।
लापरवाही का दूसरा नजारा दिखा सफेद बाघ के आगे वाले बाड़े में। जगुआर के इस बाड़े पर कुछ लड़के मनाही के बावजुद जाली से जगुआर के ऊपर पानी फेककर उसे परेशान कर रहे थे। उन्होंने ऐसा ऐसा एक बार नहीं कई बार किया लेकिन उन्हें रोकने व टोकने वाला वहां कोई नहीं दिखा।
चिड़ियाघर के क्यूरेटर आर. ए. खान के मुताबिक चिड़ियाघर की सुरक्षा व बाड़े मानकों के तहत बने है। जगह-जगह लोगों को जानवरों को परेशान करने से मना करने के लिए बोर्ड लगाए गए है।
लोग खाने का सामान व मूंगफली ना फेके लिए इसलिए चिड़ियाघर परिसर में खाने की कोई भी चीज नहीं मिलती। फिर भी लोग नहीं मानते है। खतरनाक जानवरों के बाड़े के बाहर गार्ड तैनात है।
पिंजरे से बाहर नहीं आया विजय
गत मंगलवार को हादसे के बाद से विजय को अभी तक पिंजरे से विजिटर्स के लिए खुले बाड़े में नहीं लाया गया है। हादसे के बाद पांच दिन डॉक्टरों की निगरानी के बाद उसे सोमवार को सफेद बाघ विजय को खुले बाड़े में बाहर निकाला जाना था।
हालांकि उसे देखने की हसरत लेकर सोमवार को चिड़ियाघर पहुंचे लोगों को मायूस लौटना पड़ा। सोमवार को विजय की जगह कल्पना को बाहर निकाला गया। चिड़ियाघर प्रशासन के मुताबिक विजय बिल्कुल ठीक है।
उसे पिंजरे से बाहर अंदर ही टहलने के लिए खोला जा रहा। आम विजिटर्स के लिए अभी कम निकलेगा तय नहीं है। उम्मीद है कि बुधवार के बाद हम उसे आम लोगों के लिए बाहर निकाले।