हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण विभाग द्वारा पेंशन के लिए जारी किए गए नए मानदंडों से बुजुर्ग आवेदक परेशान हैं। विभाग ने पिता के बच्चों की आयु, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस को अमान्य कर दिया है। वहीं मेडिकल बोर्ड भी 8 माह से काम नहीं कर रहा है, इसलिए उम्र जांचने में दिक्कत हो रही है। केवल आवेदक की जन्म तिथि, शिक्षा का प्रमाण पत्र और 2005 से पहले का वोटर कार्ड ही वृद्धावस्था सम्मान भत्ता के लिए मान्य हैं।
हरियाणा सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं जिनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता, विधवा, किन्नर भत्ता, कैंसर और एड्स प्रभावित मरीजों का भत्ता शामिल हैं। कई बुजुर्गों ने इस बारे में पत्र मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को भेजा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। 60 वर्ष की आयु पूरा कर चुके सैकड़ों बुजुर्ग पेंशन के लिए कई दस्तावेज लेकर घूम रहे हैं लेकिन विभाग द्वारा दफ्तर के बाहर लगाई गई सूची के मुताबिक बच्चों की जन्मतिथि, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस अमान्य हैैं।
मेरे बड़े बेटे सुरेंद्र सिंह की आयु 42 साल हो चुकी है हम पिछले एक वर्ष से आवेदन कर रहे हैं, लेकिन आवेदन हर बार रद्द कर दिया जाता है। मेरी और मेरी पत्नी की आयु 61 साल से अधिक हो चुकी है। आमदनी का कोई जरिया नहीं है। - गोकुल और दयावती, गांव करहेड़ा।
वृद्धावस्था सम्मान भत्ता के लिए तीन बार आवेदन कर चुके हैं। हर बार आवेदन रद्द हो जाते हैं। मेडिकल बोर्ड पिछले 8 महीने से बंद है इसलिए मुझे और मेरी पत्नी को पेंशन नहीं मिल रही है। हम दोनों की उम्र 62 साल से अधिक हो चुकी है। - इब्राहिम और रत्तीमन, गांव घागस।
मेरा जन्म मामा के गांव डूंगेजा में हुआ था। मेरा गांव कंसाली है। तीन बार वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पाने के लिए आवेदन किया है। आवेदन सिर्फ मामा के गांव में जन्म लेने के कारण रद्द हो जाता है। जबकि मेरी पत्नी फजरी की पेंशन 6 महीने बंधी हुई थी। - दरेखान, गांव कंसाली।
वृद्धावस्था सम्मान भत्ता के लिए नए नियमों में आवेदक को जन्म तिथि, शिक्षा प्रमाण पत्र, साल 2005 से पहले का वोटर कार्ड मान्य है। कोरोना महामारी के कारण मार्च से मेडिकल बोर्ड नहीं बैठ रहा। हालांकि 60 वर्ष की आयु पूरा कर चुके कई बुजुर्गों के आवेदन हमारे पास पड़े हुए हैं। - सरफराज खान, जिला समाज कल्याण अधिकारी नूंह।