दिल्ली कैबिनेट ने वृद्धावस्था, विधवा व अशक्तों को मिलने वाली पेंशन के लिए आधार की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में समाज कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। अब ऐसे बैंक खातों के आधार से लिंक न होने के बाद भी सरकार उनमें पेंशन ट्रांसफर कर देगी। इसके बाद विभाग उन लोगों को पेंशन जारी कर देगा, जिनकी पेंशन आधार की खामियों की वजह से रोक दी गई थी।
समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था, विधवा और अशक्तों को पेंशन देता है। सालाना एक लाख रुपये से कम आमदनी वाले परिवार के वरिष्ठ नागरिकों को भी पेंशन दी जाती है। फिलहाल 60-69 साल के बुजुर्गों को 2000 रुपये महीना और 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों को 2500 रुपये पेंशन मिलती है।
अनुसूचित जाति, जनजाति व अल्पसंख्यकों को 500 रुपये अतिरिक्त मिलते हैं। करीब 4.14 लाख दिल्लीवासी इस योजना का फायदा उठा रहे हैं। इसके अलावा, अशक्तों को भी सरकार 2500 रुपये महीना देती है। इस योजना के 77,542 लाभार्थी हैं। एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल करीब 43 हजार लाभार्थी हैं, जिन्हें आधार की खामियों की वजह से पेंशन नहीं मिल रही है।