मिरांडा हाउस के ओपन हाउस सत्र में किया गया छात्रों और अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2026-27 में स्नातक में दाखिले के लिए छात्र सीएसएएस पोर्टल पर प्रेफरेंस (प्राथमिकता) शीट अत्यंत सावधानी और सोच-समझकर भरें। डीयू की डीन (एडमिशन) प्रो. हनीत गांधी ने मिरांडा हाउस में आयोजित ओपन हाउस सत्र में छात्रों को यह सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल कॉलेज की प्रतिष्ठा ही नहीं बल्कि कोर्स, विषयों के संयोजन और मल्टीडिसिप्लिनरी विकल्पों को भी ध्यान में रखते हुए अपनी वरीयता सूची तैयार करनी चाहिए। उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि डीयू में मेरिट के आधार पर इसी सूची से सीट आवंटित की जाएंगी।
मंगलवार को मिरांडा हाउस में आयोजित ओपन हाउस सत्र के दूसरे दिन 500 से अधिक पंजीकरण हुए जबकि 200 से अधिक छात्राओं और उनके अभिभावकों ने कॉलेज परिसर में प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर प्रो. गांधी के साथ जॉइंट डीन प्रो. आनंद सोनकर, मिरांडा हाउस की प्राचार्या प्रो. बिजया लक्ष्मी नंदा तथा उप-प्राचार्या डॉ. सीमा ने भी छात्रों और अभिभावकों से संवाद किया।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकताएं, बीए ऑनर्स और बीए प्रोग्राम के अंतर, मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स के चयन, सीएसएएस पोर्टल पर प्रेफरेंस भरने, ईसीए एवं स्पोर्ट्स कोटा, हॉस्टल प्रवेश प्रक्रिया तथा करियर के अनुरूप विषयों के चयन जैसे कई सवाल पूछे।
प्रो. हनीत गांधी ने कहा कि प्रेफरेंस शीट बनाते समय छात्र अपनी रुचि, योग्यता और भविष्य की करियर योजनाओं के अनुरूप विषयों और उनके संयोजन का चयन करें। उन्होंने आगाह किया कि वरीयता सूची तैयार करते समय की गई छोटी-सी चूक से भी बाद में नुकसान हो सकता है। प्राचार्या प्रो. बिजया लक्ष्मी नंदा ने कहा कि मिरांडा हाउस का उद्देश्य विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को प्रवेश प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में सही मार्गदर्शन देना है, जिससे वे बिना किसी भ्रम के अपने भविष्य के लिए सही फैसला ले सकें।