अपराध शाखा पुलिस ने फाइनेंसर अमित हुड्डा (30) और उसके कर्मचारी निखिल गुलाटी (39) की हत्या के दो आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया है। दोहरा हत्याकांड पैसे के लेन-देन के विवाद में हुआ। आरोपियों ने दोनों को शराब में मिलाकर नशे की गोलियां दीं और फिर गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शवों को बवाना नहर में फेंककर वे बिहार भाग गए।
अपराध शाखा के डीसीपी डॉ. जॉय टर्की के अनुसार, नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर राममनोहर की टीम ने आरोपी गांव हरेवली बवाना निवासी नवीन वशिष्ठ (32) और रजनीश उर्फ बंटू (31) को बिहार में पटना के मीठापुर बस स्टैंड से उस समय गिरफ्तार किया, जब दोनों नेपाल भागने की फिराक में थे। दोनों ने अमित और निखिल की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
नवीन ने बताया कि उसका प्रॉपर्टी डीलर का काम नहीं चला तो करीब एक वर्ष पहले शाहबाद डेयरी इलाके में डिस्पोजेबल कप-प्लेट बनाने की फैक्टरी शुरू की। इसके लिए अमित हुड्डा से तीन लाख रुपये उधार लिए थे। फैक्टरी में घाटा हो गया। वह पैसे वापस देने की स्थिति में नहीं था। अमित नवीन के घर गया और उसके पिता से दुर्व्यवहार किया। इससे गुस्साए नवीन ने अमित की हत्या की साजिश रची। इसमें उसने अपने दोस्त रजनीश व अन्य को शामिल किया।
रजनीश के पास हथियार थे। उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी है। नवीन ने पार्टी के बहाने अमित को सेक्टर-24, रोहिणी स्थित अपने घर बुलाया। अमित यहां निखिल के साथ पहुंचा। आरोपियों ने अमित व निखिल को शराब में मिलाकर नशीली गोलियां दे दीं। इससे दोनों बेहोश हो गए। आरोपी इन्हें कार में डालकर बवाना नहर ले गए। वहां दोनों को गाड़ी से निकालकर गोली मार दी और शवों को नहर में फेंक दिया।रजनीश ने हथियार अपने खेतों में गाड़ दिए। अमित की कार रोहिणी आवासीय इलाके में पार्क कर दी गई थी।
रजनीश पर पहले से दर्ज हैं नौ मामले
पुलिस के अनुसार, रजनीश के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, अवैध हथियार रखने और चोट पहुंचाने के नौ मामले पहले से दर्ज हैं। वह वर्ष 2014 में जेल से बाहर आया था। इसके बाद उसने प्रॉपर्टी डीलिंग शुरू की थी। वह नवीन का अच्छा दोस्त है।