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दिल्लीः डीडीयू अस्पताल में 5 महीने बाद फिर की डॉक्टर से मारपीट, डॉक्टरों ने मचाया हंगामा

Mon, 25 Sep 2017 01:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल - फोटो : गेटी इमेज
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हरीनगर स्थित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (डीडीयू) में रविवार सुबह रेजीडेंट डॉक्टर से मारपीट के बाद डॉक्टरों ने हंगामा करते हुए हड़ताल की घोषणा कर दी। इसकी जानकारी मिलते ही प्रबंधन में अफरातफरी मच गई।
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आनन-फानन में पुलिस को बुलाकर शिकायत दी गई। शाम को अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टरों को बातचीत के लिए बुलाया। इसके बाद करीब 6:30 बजे अस्पताल में अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया करा दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से बातचीत के बाद प्रबंधन ने डॉक्टरों की सभी मांगें स्वीकार कर लीं। इसके बाद डॉक्टर हड़ताल खत्म कर काम पर लौट गए।

रविवार सुबह करीब 10:30 बजे एक मरीज के साथ महिला परिजन डीडीयू पहुंची थीं। इमरजेंसी वार्ड पहुंचने के बाद मरीज के उपचार को लेकर महिला की डॉक्टरों से नोकझोंक हुई। आरोप है कि इस दौरान वार्ड में तैनात डॉ. मुकेश से मारपीट की गई।
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पूरी घटना वार्ड के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद महिला को हिरासत में ले लिया। हालांकि हरीनगर थाना पुलिस ने मामले में शाम तक केस दर्ज नहीं किया था। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की सुनवाई और अस्पताल प्रबंधन से बातचीत के बाद ही मामला दर्ज किया जाएगा।
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अप्रैल में भी हुई थी मारपीट

- फोटो : डेमो
इससे पहले अप्रैल में भी इस अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट हुई थी। उस घटना को लेकर पूरी दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने बैठक कर 15 बिंदुओं के जरिये डॉक्टरों को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया था।

आरोप है कि अब तक उनमें से एक भी बिंदु पर अमल नहीं हुआ। अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टर गुरशिमर के मुताबिक, पुलिस इस बार भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। जब तक आरोपी महिला के खिलाफ केस दर्ज नहीं होता है, हड़ताल जारी रहेगी। प्रबंधन से सुरक्षा मिलने के बाद ही डॉक्टर ड्यूटी पर आएंगे।

आज परेशान हो सकते हैं मरीज
रविवार होने से डॉक्टरों की हड़ताल का बड़ा असर देखने को नहीं मिला है, लेकिन सोमवार से मरीजों के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है। गौरतलब है कि डीडीयू में हर दिन करीब पांच हजार मरीज की ओपीडी रहती है, जबकि यहां 400 से 500 मरीज हर दिन भर्ती कराए जाते हैं।
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