नोएडा जिला अस्पताल में बिजली कटौती, लिफ्ट की कमी और पानी की किल्लत से मरीज परेशान हैं। मरीजों को घर से कूलर लाने पड़ रहे हैं और बोतल का पानी खरीदना जेब पर भारी पड़ रहा है।
नोएडा जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं बीमार हैं। शुक्रवार को भी कई बार बिजली आपूर्ति बाधित हुई। पंखे काम न करने पर मरीज घर से कूलर लेकर अस्पताल पहुंचे। 15 से 20 मिनट इंतजार के बाद ही लिफ्ट मिल रही है। कई लोग बच्चों को गोद में लेकर चौथी-पांचवीं मंजिल तक सीढ़ियों से पहुंचे। पर्याप्त पानी भी नहीं मिल रहा है। सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने बताया कि बिजली अस्पताल में आ रही है। यह सिर्फ एक-दो मिनट के लिए ही गई थी। लिफ्ट जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।
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कर्मचारियों ने घर से कूलर लाने को कहा
जेवर निवासी प्रिंस ने बताया कि उनके चाचा अस्पताल के छठे फ्लोर पर भर्ती हैं। वॉर्ड में पंखा है, लेकिन उसकी हवा मरीज तक नहीं पहुंच पा रही है। इस कारण वह कूलर लेकर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल प्रशासन ने इसकी अनुमति दे दी है। मरीज ने गर्मी लगने की शिकायत की थी, जिस पर अस्पताल कर्मचारियों ने घर से कूलर लाने को कहा था। इसी तरह अन्य मरीज भी गर्मी से परेशान हैं और अपने-अपने स्तर पर इंतजाम कर रहे हैं।
3000 मरीजों के लिए केवल तीन लिफ्ट, स्टाफ के लिए तीन
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 3,000 से 3,500 मरीज और उनके परिजन आते हैं। उनके लिए केवल तीन लिफ्ट उपलब्ध हैं। इनका प्रयोग करने के लिए लोगों को 15 से 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोग सीढ़ियों से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच रहे हैं। अस्पताल में तीन अतिरिक्त लिफ्ट हैं, लेकिन उनका उपयोग केवल अस्पताल के कर्मचारी और डॉक्टर कर सकते हैं। तीन लिफ्ट पानी भरने के कारण बंद पड़ी हैं।
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जेब पर भारी पड़ रहा बोतल का पानी
जिला अस्पताल में पिछले तीन दिनों से पानी की आपूर्ति बंद है। इस कारण मरीजों और उनके परिजनों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने टैंकर से पानी की व्यवस्था की है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। मजबूरी में लोगों को पानी खरीदना पड़ रहा है। ऐसे में बोतल का पानी लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है।