जिले को दो नई एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस तो मिल गई हैं, लेकिन इनके लिए मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में रविवार को सांस की समस्या से पीड़ित मरीज लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के लिए 40 मिनट तक भटकता रहा।
एबुलेंस मिलने के लिए जरूरी अप्रूवल मिलने में देरी होने से तीमारदार नाराज हो गए। बाद में जब इस बाबत सीएमओ को फोन किया गया, तब उन्हें एंबुलेंस मिल पाई। दरअसल, 108 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस केवल उन मरीजों को दी जाती है, जिनकी हालत गंभीर होती है।
इस एंबुलेंस में सभी तरह की सुविधा होती है। ये एंबुलेंस उन मरीजों को दी जाती है, जिन्हें डॉक्टर इस एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल ले जाने का अप्रूवल देता है। रविवार को डॉक्टर से अप्रूवल मिलने के बाद मरीज के परिजन आसिफ ने 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस मांगी।
वहां से अस्पताल प्रशासन को फोन कर डॉक्टर का अप्रूवल के बारे में पूछा। इसके बाद अस्पताल की सीएमएस को फोन कर अप्रूवल मांगा गया। इसमें करीब 40 मिनट लग गए। इससे नाराज मरीज के परिजनों की एंबुलेंस संचालक से कहासुनी हो गई।
अंत में सीएमओ को फोन करने पर मरीज को एंबुलेंस मिल पाई। 108 एंबुलेंस के इंचार्ज जयपाल सिंह यादव ने बताया कि जब तक अप्रूवल नहीं मिलता हम लोग एंबुलेंस नहीं ले जा सकते हैं। इसी वजह से मरीज को एंबुलेंस मिलने में समय लग गया।
वहीं सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया कि पहले एएलएस एंबुलेंस के लिए डॉक्टर के अलावा अस्पताल की सीएमएस या सीएमओ से अप्रूवल लेना पड़ता था। 108 नंबर पर फोन करने पर मरीज के परिजन डॉक्टर के अलावा सीएमएस से भी अप्रूवल लेते थे, इसमें बहुत समय लग जाता था। हालांकि उस मरीज को एंबुलेेंस उपलब्ध करा दी गई थी। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ डॉक्टर के अप्रूवल के बाद ही एएलएस एंबुलेंस मिल जाएगी।
102 और 108 एंबुलेंस के लिए नहीं लगता फोन
एंबुलेंस मंगाने के लिए 102 और 108 नंबर पर फोन करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि ये नंबर लखनऊ के कॉल सेंटर में जाकर लगता है। फिलहाल नेटवर्क की दिक्कत के चलते ये नंबर दिल्ली लग रहा है। ऐसे में जरूरत मंदों को एंबुलेंस ही नहीं मिल पा रही है। इसे देखते हुए सीएमओ की तरफ से लखनऊ पत्र भी लिखा गया है। सीएमओ का कहना है कि दिल्ली में भी इस नंबर की एंबुलेंस चल रही है। इस वजह से ये दिक्कत आ रही है।