स्वतंत्रता दिवस से पूर्व शनिवार सुबह फुल ड्रेस रिहर्सल के चलते ऑटो से अस्पताल जा रहे दिल के मरीज को रास्ता नहीं दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार उनको रास्ते में करीब दो घंटे तक भटकना पड़ा, जिसके चलते अस्पताल पहुंचने में देर हो गई।
जानकारी के अनुसार कैलाशचंद मोर्या (45) परिवार के साथ 9/35 कैलाश नगर, गांधी नगर में रहते थे। परिवार में पत्नी कृष्णा देवी, चार बेटे और एक बेटी हैं। कैलाश के बेटे विमलेश ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 6 बजे अचानक उसके पिता के सीने में दर्द हुआ।
परिवार उन्हें नजदीकी शक्ति नर्सिंग होम ले गया। वहां थोड़ी बहुत जांच करने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें एलएनजेपी या पंत अस्पताल ले जाने के लिए कहा। कृष्णा देवी अपने दो बेटों अरविंद व भूपेंद्र व जीजा सुरेशपाल के साथ ऑटो से करीब सात बजे कैलाश को एलएनजेपी अस्पताल ले जा रहे थे।
गीता कालोनी फ्लाईओवर पहुंचते ही वीवीआईपी मूवमेंट के कारण रास्ता बंद था। पुलिसकर्मियों ने वापस लौटने के लिए कहा। मां-बेटों ने बीमारी की बात कह कर रास्ता देने की गुहार लगाई। लेकिन मजबूरी बताकर पुलिसकर्मियों ने उन्हें वापस भेज दिया।