दिल्ली पुलिस को दी शिकायत में योगेंद्र ने कहा था कि तेहखंड स्थित उसके घर के बाहर सीमेंट की सड़क बनाई जा रही थी। विधायक सही राम ने निर्माण की निगरानी कर रहे सुपरवाइजर को धमकाकर 18 व 19 सितंबर 2016 की रात उसके घर के सामने सड़क बनाने से रोक दिया था।
शिकायतकर्ता ने विधायक से इसका कारण पूछा तो उसने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता योगेंद्र बिधूड़ी के बयान को भरोसेमंद मानते हुए कहा था कि, अभियोजन पक्ष सहीराम व उसके दो सहयोगियों सुभाष व ललित पर लगे आरोपों को साबित करने में पूरी तरह कामयाब रहा है।
दवा लेने जा रहे योगेंद्र का रास्ता रोककर उस पर तेज धार हथियार से हमला किया गया। इसमें उसे चोट आई थी।