नियामक प्राधिकरण करेगा निगरानी
निजी विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटीज रेगुलेटरी अथॉरिटी गठित की जाएगी। यह शिक्षण व्यवस्था, अनुसंधान, प्रवेश, परीक्षाओं, छात्र अभिलेख और संस्थानों के समग्र प्रदर्शन की निगरानी करेगी। जरूरत पड़ने पर प्राधिकरण सुधारात्मक निर्देश भी जारी कर सकेगा।
विशेषज्ञ समिति की जांच के बाद मिलेगी मंजूरी
किसी निजी विश्वविद्यालय की स्थापना से पहले वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, यूजीसी प्रतिनिधियों और वित्त विशेषज्ञों की समिति प्रस्ताव की जांच करेगी। उसकी सिफारिश के आधार पर ही विश्वविद्यालय को मंजूरी मिलेगी। सभी निजी विश्वविद्यालय स्व-वित्तपोषित होंगे और उन्हें सरकार से नियमित वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी। हालांकि, शोध परियोजनाओं के लिए वे अनुदान प्राप्त कर सकेंगे।
वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में पहचान मजबूत करेगी:रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विधेयक से छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे दिल्ली वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगी।
अपने ही शहर में विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा उपलब्ध होगी:आशीष सूद
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि कानून का उद्देश्य केवल निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना करना नहीं, बल्कि दिल्ली के युवाओं को अपने ही शहर में गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली को देश की नॉलेज कैपिटल के रूप में विकसित करना चाहती है।