हाईकोर्ट ने योग गुरू रामदेव की कंपनी पतंजलि की याचिका खारिज करते हुए आयकर विभाग को कंपनी का विशेष ऑडिट करने की अनुमति दे दी है। हाईकोर्ट ने कंपनी को इस ऑडिट में आयकर विभाग का सहयोग करने का निर्देश दिया है। कंपनी ने आयकर विभाग के विशेष ऑडिट पर रोक लगाने की गुहार हाईकोर्ट से लगाई थी।
न्यायमूर्ति एस. रविंद्र भट व न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की खंडपीठ ने कहा कि आयकर विभाग के विशेष ऑडिट में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। आयकर आकलन अधिकारी ने मामले के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए ऑडिट का आदेश जारी किया है।
रामदेव की कंपनी पतंजलिने आयकर विभाग द्वारा 2010-11 में कर मूल्यांकन की ऑडिट की प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कंपनी का कहना था कि आयकर आकलन अधिकारी ने अपनी प्राथमिक जिम्मेदारियों से बचने के लिए विशेष ऑडिट का आदेश जारी किया था।
दूसरी ओर, आयकर विभाग ने कोर्ट को बताया कि कंपनी का विशेष ऑडिट कराना इसलिए जरूरी है क्योंकि इसके खातों में कई तरह की कमियां देखने में आई हैं। कंपनी की आय के तीन मुख्य स्रोत हैं। आयकर की गणना सही तरह से करने के लिए इन स्रोतों में प्रत्येक के संचालन का तरीका और आय निर्धारण प्रक्रियाओं को समझना जरूरी है।
खंडपीठ ने आयकर विभाग की दलीलों पर सहमति जताते हुए कहा कि आंकलन अधिकारी का कर्तव्य है कि वह अपने विवेक का प्रयोग करे और जरूरत पड़ने पर विशेष ऑडिट का भी प्रयोग करने से पीछे नहीं हटे।