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पासवान बोले, दिल्ली जल बोर्ड का पानी पीने लायक नहीं

Fri, 04 Oct 2019 03:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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ram vilas paswan - फोटो : ANI
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केंद्रीय खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि दिल्ली जल बोर्ड द्वारा आपूर्ति किया जा रहा पानी पीने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह निष्कर्ष भारतीय मानक संगठन (बीआईएस) द्वारा दिल्ली के 11 स्थानों से उठाए गए नमूने की जांच के बाद निकाला गया है।

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पासवान ने बृहस्पतिवार को बीआईएस, दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीआईएस ने बोतलबंद पानी के साथ-साथ पाइप के जरिये आपूर्ति किए जाने वाले पेयजल के भी मानक तैयार किए हैं। 

बोतलबंद पानी के लिए मानक अनिवार्य है, लेकिन घरों में पाइपलाइन के जरिये आपूर्ति होने वाले पानी पर अभी यह मानक अनिवार्य नहीं है। इसलिए जल बोर्ड घरों में बिना मानक वाले पानी की आपूर्ति कर रहा है। बीआईएस के अधिकारियों की मौजूदगी में पासवान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानक बेहद सख्त है और भारतीय मानक को भी उसके अनुरूप करना चाहिए, क्योंकि यह लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मसला है।
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दिल्ली के विभिन्न स्थानों से जो पेयजल के नमूने उठाये गए, वह परीक्षणों में अधोमानक पाए गए। 42 पैरामीटर पर दिल्ली का पेयजल अधोमानक निकला।
-जे रॉय चौधरी, बीआईएस के उप महानिदेशक 

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शहरों में पेयजल की भी होगी रैंकिंग

स्वच्छता के आधार पर जिस तरह से देश के शहरों की रैंकिंग तय होती है, उसी तरह स्थानीय निकाय या जल बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे पेयजल की भी रैंकिंग होगी। इसके लिए केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में काम शुरू हो गया है। उम्मीद है कि नवंबर के पहले सप्ताह तक रैंकिंग तैयार हो जाएगी।

मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि केंद्र सरकार ने जिन 100 स्मार्ट शहरों की घोषणा की है, पेयजल की रैंकिंग में उन्हीं शहरों को शामिल किया जाएगा। इससे पता चलेगा कि किस शहर में पानी की गुणवत्ता बेहतर है और किस में खराब। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में 1977 से रह रहे हैं और दिनों दिन यहां एनडीएमसी द्वारा आपूर्ति पेयजल की गुणवत्ता खराब हुई है। तभी लोग बोतलबंद पानी या आरओ मशीन के भरोसे हो गए हैं।
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