दिल्ली पुलिस ने माना कि पुलिसकर्मियों द्वारा फर्जी वेरिफिकेशन पर ऐसे पते पर पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं जो है ही नहीं। पुलिस ने हाईकोर्ट को यह जानकारी दी।
अदालत उस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहीं है, जिसमें यह तर्क रखा है कि राजधानी में फर्जी पतों पर पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं। मुख्य न्यायधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष दायर हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के हुमायूंपुर गांव में पांच लोगों के पासपोर्ट स्थानीय पासपोर्ट ऑफिस ने भेजे थे।
लेकिन डाकिए को वह पांचों पते नहीं मिले। जबकि वह पांचों पासपोर्ट पुलिस वेरिफिकेशन के बाद बनाए गए थे। जांच में हैरत कर देने वाले तथ्य आए कि पुलिस वेरिफिकेशन में जिन जमानतियों का नाम, पता व मोबाइल बताया गया था वह भी फर्जी पाए गए।
पुलिस का कहना है कि जिस एएसआई ने मामले में वेरिफिकेशन की थी उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर उसे निलंबित कर दिया गया है और जिले के अन्य पुलिसकर्मियों को भी वेरिफिकेशन में सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। विभागीय जांच में पता चला है कि उक्त एएसआई मौके पर नहीं गया था।