आईएसबीटी पर घर पहुंचने के लिए पहुंचे श्रमिक
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दीपावली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपने घर जा रहे हैं, लेकिन बसों की संख्या बेहद कम है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल 50 फीसदी से भी कम बसें आवागमन कर रही हैं। वहीं, सामाजिक दूरी का पालन अब औपचारिकता मात्र बनकर रह गया है।
करीब सात महीने बाद तीन नवंबर से अंतरराज्यीय बस सेवा की शुरुआत की गई। आईएसबीटी कश्मीरी गेट, आनंद विहार और सराय काले खां से अलग-अलग शहरों के लिए रोजाना 1800 से 2000 बसों को परिचालन हो रहा है। बृहस्पतिवार को कश्मीरी गेट से पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान की बसें फुल होने के बाद रवाना हो जा रही थीं, लेकिन बसों की संख्या कम रही। यात्रियों को घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ा।
अधिक सामान के साथ कर रहे हैं सफर
बसों के परिचालन के लिए तैयार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में 50 फीसदी बसें चलाने सहित सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, सैनिटाजेशन और कोरोना टेस्ट की सुविधा को अनिवार्य किया गया है। यात्रियों को अपने साथ कम से कम सामान रखने के निर्देेश भी हैं, परंतु यात्री भारी भरकम सामान के साथ बसों में सफर कर रहे हैं।
सफर से पहले जांच करा रहे यात्री
प्रवेश से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद बस में सफर की इजाजत दी जा रही है। अगर किसी में लक्षण दिखे तो उसे कोरोना जांच के लिए शिविर में भेजा जा रहा था। कश्मीरी गेट पर तीन जगह जांच की जा रही है। रोजाना औसतन 800-1000 लोगों के टेस्ट हो रहे हैं। इनमें एक फीसदी से अधिक संक्रमित मिल रहे हैं।