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2022 तक सभी लाइनों पर एनसीएमसी का यात्री कर सकेंगे इस्तेमाल

Mon, 28 Dec 2020 05:09 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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delhi metro - फोटो : जी पाल
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यात्रियों की सुविधा के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) को प्रधानमंत्री ने मार्च, 2019 में लांच किया था। इससे लोगों को अलग अलग परिवहन साधनों के इस्तेमाल के लिए एक ही कार्ड के जरिये शुल्क अदायगी की सुविधा का प्रावधान किया गया है। बस, मेट्रो सहित अन्य परिवहन साधनों के अलावा वन नेशन वन कार्ड का इस्तेमाल टोल टैक्स, खुदरा खरीद, पार्किंग शुल्क चुकाने सहित नकद निकासी के लिए भी किया जा सकेगा।

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एयरपोर्ट लाइन पर पर रुपे डेबिट कार्ड की सेवा शुरू होने से देश के किसी भी हिस्से के कार्ड धारक, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर मेट्रो में सफर कर सकेंगे। अगले दो वर्षों में मेट्रो की सभी लाइनों के इस नेटवर्क से जुड़ने से यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

कोरोना महामारी के दौरान मेट्रो को करोड़ों का नुकसान
दिल्ली मेट्रो ने कोरोना महामारी के शुरुआती साढ़े पांच महीने तक बंद रहने के बाद सात सितंबर से येलो लाइन पर सेवाएं शुरू की थी। परिचालन बंद रहने की वजह से रोजाना 10 करोड़ के अलावा मेट्रो स्टेशनों पर दुकानें सहित अन्य मदों से होने वाली आय में 1900 करोड़ तक की कमी आई। कोरोना काल से पहले दिल्ली मेट्रो में औसतन रोजाना 60 लाख सफर किए जा रहे थे। अलग अलग लाइनों पर 26 लाख से अधिक यात्रियों को मेट्रो सुविधाओं के इस्तेमाल का मौका मिल रहा था। नेटवर्क विस्तार और तकनीकी विकास की दिशा में मेट्रो के कदम लगातार बढ़ रहे हैं।
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धीरे-धीरे वापस लिए जाएंगे ड्राइवर
शुरुआत में मेट्रो के संचालन में ड्राइवरों की प्रतिनिशुक्ति की जाएगी, लेकिन बाद में उन्हें धीरे-धीरे वापस ले लिया जाएगा। दिल्ली मेट्रो ने 25 दिसंबर, 2002 को अपना वाणिज्यिक परिचालन शाहदरा से तीस हजारी के बीच 8.2 किलोमीटर में की थी। इस कॉरिडोर में छह स्टेशन थे, लेकिन इसके बाद मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का सिलसिला जारी है।

2022 तक एक करोड़ यात्रियों के लिए मेट्रो की सुविधा
पूरे देश में 2014 में पांच शहरों में करीब 248 कि.मी. की मेट्रो लाइन थी,अब यह 702 किमी है। आने वाले दिनों में नेटवर्क विस्तार के बाद माना जा रहा है कि एक हजार किलोमीटर से अधिक नई लाइनें जुड़ेंगी। देश के 27  शहरों में मेट्रो कनेक्टिविटी होगी। 2022 में जब देश अपनी 75 वीं स्वतंत्रता का जश्न मनाएगा, उस वक्त भारत में एक हजार से अधिक किलोमीटर का संयुक्त नेटवर्क होगा। दो साल बाद मेट्रो में औसतन रोजाना एक करोड़ यात्रियों को मेट्रो की सेवाएं उपलब्ध होंगी।

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