सभी राजनैतिक दलों ने अपने प्रत्याशी घोषित करने के बाद दूसरी पार्टियों की कमजोर कड़ी तलाशना शुरू कर दिया है।
इसके अलावा बसपा को छोड़कर सभी प्रत्याशी वही हैं, जो पिछले लोकसभा चुनाव में थे। उस चुनाव को देखा जाए तो भाजपा का मजबूत किला नोएडा, सपा का मजबूत गढ़ सिकंदराबाद और बसपा की दमदार मौजूदगी दादरी विधानसभा क्षेत्र में रही थी।
अब सभी दल एक दूसरे के गढ़ में सेंध लगाने में जुट गए हैं। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि पिछले चुनाव और इस चुनाव की परिस्थितियों में काफी बदलाव आ चुका है। 2009 लोकसभा चुनाव में भाजपा का सबसे मजबूत गढ़ नोएडा रहा था। जहां से सर्वाधिक वोट 68,401 हासिल हुए।
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नोएडा में सबसे कमजोर स्थिति समाजवादी पार्टी की रही है। लेकिन सपा इस बार नोएडा में स्थिति सुधारने का प्रयास करेगी। वहीं भाजपा को ध्यान देना होगा कि ‘आप’ प्रत्याशी नोएडा में उनके मजबूत किले में सेंध लगाकर कमजोर न कर दें।
गौरतलब है कि दिल्ली से सटा और शहरी क्षेत्र होने के कारण ‘आप’ यहां पर अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेगी।
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वहीं बहुजन समाज पार्टी को सबसे ज्यादा वोट दादरी विधानसभा क्षेत्र से 74,033 मिले थे। यहां पर दूसरे नंबर पर रही भाजपा से दोगुने वोट बसपा को मिले थे। चुनाव जीतने को भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों को यहां अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी।
इसके अलावा सपा को सर्वाधिक वोट सिकंदराबाद में 48,599 मिले थे। यहां भाजपा और बसपा ने भी ठीकठाक वोट पाए थे, लेकिन कांग्रेस की हालत खस्ता रही। इस क्षेत्र में सपा को जहां और मजबूती लानी होगी, वहीं भाजपा, बसपा और कांग्रेस को अपनी स्थिति में सुधार करना होगा।