जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने पुलिस की इस दलील पर गौर किया कि यह संवेदनशील मामला है और सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के अनुसार ऐसे मामलों में एफआईआर वेबसाइट पर अपलोड नहीं की जानी चाहिए।
संसद की सुरक्षा में सेंध के आरोपियों को एफआईआर की कॉपी नहीं दी जाएगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें एक आरोपी को प्राथमिकी की कॉपी देने का निर्देश दिया गया था।
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जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने पुलिस की इस दलील पर गौर किया कि यह संवेदनशील मामला है और सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के अनुसार ऐसे मामलों में एफआईआर वेबसाइट पर अपलोड नहीं की जानी चाहिए। निचली अदालत के 21 दिसंबर के आदेश को चुनौती देने वाली पुलिस की याचिका पर जस्टिस शर्मा ने आरोपी नीलम को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई चार जनवरी को होगी।