फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Parliament Breach: आरोपी खुद की तुलना भगत सिंह से नहीं कर सकते, हाईकोर्ट ने की अहम टिप्पणी

Wed, 07 May 2025 11:25 PM IST
अनुज कुमार पीटीआई, नई दिल्ली

सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने संसद चूक मामले में गिरफ्तार नीलम आजाद और महेश कुमावत की जमानत याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की।
विज्ञापन
Delhi High Court - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के संसद भवन को भारत का गौरव बताते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग खुद की तुलना भगत सिंह जैसे शहीदों से नहीं कर सकते।कोई भी व्यक्ति वहां शरारत नहीं कर सकता है।  2023 में संसद की सुरक्षा में सेंध लगाई थी।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद और हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने दिल्ली पुलिस से यह भी पूछा कि आरोपी व्यक्तियों पर कठोर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दंडनीय अपराध के लिए मामला क्यों दर्ज किया गया।

पीठ ने कहा कि कोई भी व्यक्ति संसद भवन में शरारत या ऐसा कुछ नहीं कर सकता, जो निश्चित रूप से देश का गौरव है। इस बारे में कोई कुछ नहीं कह रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यूएपीए के तहत कोई अपराध बनता है, जिसमें जमानत के सख्त प्रावधान हैं? ऐसे अन्य अधिनियम भी हो सकते हैं जिनके तहत आप आगे बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन


आगे कहा कि इसमें कोई समस्या नहीं है। मुद्दा यह है कि क्या यूएपीए के तहत कोई अपराध बनता है। अदालत इस मामले में गिरफ्तार नीलम आजाद और महेश कुमावत की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें