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ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में ई-वाहनों के लिए 20 फीसदी जगह में होगी पार्किंग

Thu, 12 Dec 2019 11:22 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी में प्रदूषण पर नियंत्रण व इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने भवन निर्माण उप नियम-2016 में बदलाव किया है। प्राधिकरण बोर्ड की बुधवार को हुई बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पास कर दिया गया। 

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संशोधित नियम के तहत राजधानी की ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों समेत बड़ी सरकारी इमारतों में अब ई वाहनों की पार्किंग के लिए 20 फीसदी स्थान नियत होगा। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा।


सभी इमारतों में होगी क्रेच की सुविधा
दिल्ली विकास प्राधिकरण के सदस्य विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक बच्चों के क्रेच की सुविधा के लिए प्राधिकरण की ओर से भवन निर्माण उपनियम में परिवर्तन की योजना को भी मंजूरी दे दी गई है। अब सभी निजी एवं सार्वजनिक भवनों में चाइल्ड केयर रूम बनाए जा सकेंगे। अब तक इसके लिए प्रावधान नहीं था। अब इन भवनों में मां-बच्चों के लिए एक विशेष कमरे का निर्माण किया जाएगा।
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शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए उठाया कदम
विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्राधिकरण ने नरेला में उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिये बड़ा कदम उठाया है। इस निर्णय से उत्तरी दिल्ली का यह इलाका उच्च शिक्षा का एक प्रमुख केन्द्र बन जाएगा। अब यहां पर कालेज और विश्वविद्यालय स्थापित करने का मार्ग साफ हो गया है। 

डीडीए ने नरेला में डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास 36.6 हेक्टेयर भूमि प्रयोग को वाणिज्यिक से दूसरी श्रेणियों में परिवर्तित करने की अनुमति दे दी गई है। इससे कई शैक्षणिक संस्थानों को फायदा मिलेगा।

वाणिज्यिक को रिहायशी क्षेत्रों में किया जा सकेगा परिवर्तित
प्राधिकरण के सदस्यों ने बताया कि जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन और हैदरपुर मेट्रो स्टेशन के बीच आउटर रिंग रोड पर मुकरबा चौक पर 14.6 हेक्टेयर वाणिज्यिक भूमि को रिहायशी में तब्दील करने संबंधी योजना को मंजूरी दे दी गई है। इससे रिहायश के लिहाज से कम विकसित क्षेत्र में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों को बढ़ावा मिलेगा।

चूल्हा कर धारकों को भी राहत
प्राधिकरण के सदस्यों के मुताबिक प्राधिकरण ने पुराने चूल्हा कर दाताओं के लिए भुगतान की शर्तों में राहत दी है। फिलहाल करीब 20 हजार परिवार दिल्ली के इंद्रपुरी, दसघरा, मालचा, पिलंजी समेत पूर्वी दिल्ली के कुछ गांवों में निवास करते हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि नियमितीकरण के मद में 575 रुपये प्रतिवर्ग मीटर की दर से चूल्हा कर लिया जाएगा। 

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