नए बस डिपो में किराड़ी, सावदा घेवरा, नरेला, पूर्वी विनोद नगर-2, कापसहेड़ा, गदईपुर, दौराला और छतरपुर होंगे। किराड़ी में दिसंबर तक, जबकि सावदा घेवरा में जुलाई तक बस डिपो का निर्माण होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा सात और डिपो का भी निर्माण किया जाएगा। इससे यात्रियों को अपने घर और दफ्तर से आवागमन में सुविधा होगी। दिल्ली में डीटीसी के 35 डिपो हैं। रोजाना नए डिपो के बनने से यात्रियों को आवागमन में दिक्कत नहीं होगी।
5842 बसें थीं दिल्ली में आठ साल पहले
नए डिपो के बनने से परिवहन व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। बसों की पार्किंग की समस्या नहीं रहे, इसके लिए कुछ डिपो में मल्टीलेवल पार्किंग भी विकसित किए जाने की योजना है। यात्रियों को आवागमन के दौरान खरीदारी का मौका देने के लिए बड़े बस डिपो में सुविधाएं विकसित की जाएंगी। हाल ही में किराड़ी में 160 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन आधुनिक बस डिपो का मंत्री ने शिलान्यास किया। डिपो में 140 बसों के लिए पार्किंग और चार्जिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। दिल्ली में आठ साल पहले 5842 बसें थीं। अब यह संख्या बढ़कर 7379 हो गई है। 2025 तक दिल्ली सरकार का परिवहन बेड़े में 80 फीसदी ई-बसों का लक्ष्य है।
एनबीसीसी करेगा दो मल्टीलेवल बस डिपो का निर्माण
वसंत विहार और शादीपुर में मल्टीलेवल बस डिपो का निर्माण किया जाएगा। नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) की तरफ से दोनों डिपो का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए हाल ही में परिवहन मंत्री ने एनबीसीसी और डीटीसी के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। दोनों डिपो में मल्टीलेवल पार्किंग के लिए जगह की कमी दूर होने के साथ ही रखरखाव में भी सहूलियत होगी। साथ ही यात्रियों को सफर के साथ शॉपिंग का मौका देने के लिए वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए भी परिसर को विकसित किया जाएगा।